बड़ी डकैती: सौम्या चौरसिया की क्लासमेट के घर 15 हथियारबंद डकैतों का धावा, 11 लोगों को बनाया बंधक, पूछा- कहां रखा है सौम्या चौरसिया का पैसा

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बालको नगर थाना क्षेत्र के तराईडांड गाँव में मंगलवार देर रात बड़ी डकैती की वारदात हुई है। 15 से अधिक हथियारबंद डकैतों ने किसान शत्रुघन दास के घर पर धावा बोल दिया। डकैतों ने घर में मौजूद 11 सदस्यों को रस्सी से बांधकर बंधक बना लिया। इस दौरान डकैतों ने लगभग साढ़े 5 लाख रुपये के जेवर और नगदी लूटकर फरार हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है।

डकैतों ने पूछा- ‘सौम्या का 20-25 लाख कहाँ छिपाया है?’

डकैती की इस वारदात में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिससे निलंबित प्रशासनिक अधिकारी सौम्या चौरसिया का नाम एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पीड़ित किसान शत्रुघन दास के अनुसार, डकैतों ने हथियारों की नोंक पर उनसे बार-बार पूछा, “सौम्या का 20-25 लाख रखा कहाँ पर छिपाया है?” इस सवाल ने मामले को केवल लूटपाट से आगे बढ़ाकर एक संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जोड़ दिया है।

पीड़ित की बेटी थी सौम्या चौरसिया की क्लासमेट

डकैती के पीछे निलंबित अफसर का नाम आने की वजह पीड़ित परिवार से जुड़ा एक अनोखा तथ्य है। पीड़ित किसान शत्रुघन दास की बेटी बबीता दास, पूर्व में सौम्या चौरसिया की क्लासमेट रह चुकी है। दोनों ने दुर्ग में साथ पढ़ाई की थी। कांग्रेस शासनकाल में जब सौम्या सीएम ऑफिस में उप सचिव थीं, तब बबीता कुछ समय उनके घर पर भी रहती थी। सौम्या की कोयला घोटाले में गिरफ्तारी के बाद बबीता घर लौटकर शादी कर ली थी।

FIR दर्ज, पुलिस के हाथ अब भी खाली

मंगलवार रात हुई इस वारदात के बाद पीड़ित किसान शत्रुघन दास ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। बुधवार 12 नवंबर को एफआईआर दर्ज की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर ने बताया कि प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। हालांकि, घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा है।

पुलिस कर रही पूछताछ और गहन जांच

डकैती और सौम्या चौरसिया के नाम के खुलासे के बाद पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि डकैतों को सौम्या और पीड़ित परिवार के बीच कथित 20-25 लाख रुपये की जानकारी कैसे मिली। फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं और इस हाई-प्रोफाइल डकैती से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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