
रायपुर: NHM Employees Protest: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस बीच आंदोलन ने बड़ा मोड़ ले लिया है। प्रदेशभर के करीब 16 हजार कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है।

NHM Employees Strike: मांगों पर नही बनी सहमति
NHM Employees Resign: हड़ताल की शुरुआत में सरकार और संगठन के बीच बातचीत हुई थी। कर्मचारियों की 10 मांगों में से 5 पर सहमति बनी, लेकिन शेष मांगों को लेकर गतिरोध जारी रहा। स्थिति बिगड़ने पर सरकार ने सख्ती दिखाते हुए 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। इनमें संगठन के प्रमुख पदाधिकारी हेमंत सिन्हा और कौशलेश तिवारी भी शामिल थे। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया।

Resignation News: 33 जिलों में सामूहिक इस्तीफा
प्रदेश के सभी 33 जिलों में एनएचएम कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लिया। बलौदाबाजार जिले में 421, कांकेर में 655 और बस्तर जिले में 887 कर्मचारियों ने इस्तीफा सौंपा। राजधानी रायपुर में भी सीएमएचओ कार्यालय के सामने अधिकारी और कर्मचारी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
Employees Demand: क्या चाहते हैं कर्मचारी
एनएचएम कर्मचारियों की प्रमुख मांग नियमितीकरण है। इसके अलावा वे वेतनमान, नौकरी की सुरक्षा, ग्रेड पे निर्धारण, मेडिकल अवकाश और बीमा सुविधा जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने गंभीरता से बातचीत नहीं की और उल्टा बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी।

Health Services Impact: सेवाएं प्रभावित
लगातार हड़ताल और इस्तीफों का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। उप स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और ज्यादा खराब बताई जा रही है।
बस्तर जिले के सीएमएचओ प्रभारी बीके ठाकुर ने कहा कि कर्मचारियों के इस्तीफे शासन को भेज दिए गए हैं। आगे का फैसला सरकार लेगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।



