छत्तीसगढ़

जिले के तेंदूपत्ता संग्राहकों के खाते में आए 20 करोड़

दक्षिणकोसल एक्सप्रेस । जशपुरनगर राज्य में हरा सोना के नाम से पहचाना जाने वाला तेंदूपत्त संग्राहकों को इस साल ज्यादा मुनाफा हुआ है। प्रदेश में तेंदूपत्ता का संग्रहण करने वाले को अब पिछली सरकार की अपेक्षा ज्यादा राशि प्रति मानक बोरा देना तय किया था। वनमंडलाधिकारी जितें्र उपाध्याय ने बताया कि जशपुर जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2024 में निर्धारित लक्ष्य 32500 मानक बोरा था। इसके विरुद्ध 36538.279 मानक बोरा का संग्रहण हुआ है। इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा 30 प्रतिशत अधिक निर्धारित लक्ष्य से 4038.279 मानक बोरा संग्रहण एक माह में किया गया। संग्रहित तेन्दूपत्ता की 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी हुई। 20.1 0 करोड़ का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से 41901 संग्राहकों के खाते में किया गया। उल्लेखनीय है कि वनों की गौण उपज में तेन्दूपत्ता का विशिष्ट स्थान है। तेन्दूपत्ता एक प्राकृतिक रुप से उत्पन्न होने वाला पौधा है। इसके पत्तों से बीड़ी बनाई जाती है। माह मार्च अप्रैल के महीने में तेंदू के नये पत्ते निकलते हैं जो बीड़ी बनाने योग्य होते है। इन पत्तों का संग्रहण कार्य मई के प्रथम सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक किया जाता है। तेंदूपूत्त संग्रहण करते लोग।

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