
छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। राज्य में शिक्षकों के लिए पात्र अभ्यर्थी बड़ी संख्या में उपलब्ध होने के बावजूद, स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। अब तक राज्य में आठ बार टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) आयोजित हो चुकी है, जिसमें कुल 3 लाख 17 हजार 744 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हो चुके हैं। इसके बावजूद, राज्य के स्कूलों में लगभग 22,464 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इस आंकड़े से स्पष्ट है कि योग्य उम्मीदवार होने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
रिक्त पदों के मुकाबले सिर्फ 21% पर ही भर्ती का आदेश
राज्य में शिक्षकों के कुल 22,464 पद रिक्त हैं, जिसमें प्राइमरी स्कूलों में सबसे ज्यादा 7,957 पद खाली हैं। इसके अलावा, मिडिल स्कूलों में 7,734 और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 6,773 पद रिक्त हैं। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अभी शासन की ओर से मात्र 4,708 पदों पर भर्ती का आदेश जारी किया गया है, जो कुल रिक्त पदों का केवल 21 प्रतिशत है। शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी वाले जिलों में रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, बेमेतरा, जगदलपुर और सुकमा शामिल हैं, जहाँ शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है।
प्राइमरी और अपर प्राइमरी लेवल पर बड़ी संख्या में TET पास अभ्यर्थी
पिछले वर्षों में आयोजित टीईटी परीक्षाओं के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में पात्र उम्मीदवारों की संख्या लाखों में है। प्राइमरी लेवल के लिए अब तक 1 लाख 94 हजार 592 अभ्यर्थी पात्र हो चुके हैं, वहीं अपर प्राइमरी लेवल के लिए यह संख्या 1 लाख 23 हजार 152 है। इतने अधिक पात्र उम्मीदवार होने के बावजूद, सरकार द्वारा रिक्त पदों के अनुपात में बेहद कम भर्ती आदेश जारी किया जाना सवाल खड़े करता है। जानकारी के अनुसार, 2018 की पिछली बंपर भर्ती में भी योग्य उम्मीदवार न मिलने के कारण 27 हजार से ज्यादा पद रिक्त रह गए थे।
4,708 पदों की भर्ती भी रिक्त पदों के अनुपात में बेहद कम
अभी शासन की ओर से केवल 4,708 शिक्षकों की भर्ती निकाली गई है, जो कुल रिक्त पदों के अनुसार बेहद कम है। राजधानी रायपुर में ही 760 से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। प्रदेश के 56,895 स्कूलों में वर्तमान में 1,78,731 शिक्षक हैं, जो 51 लाख 67 हजार 357 छात्रों को पढ़ा रहे हैं। लाखों पात्र उम्मीदवार शिक्षक भर्ती की आस में बैठे हैं, लेकिन रिक्त पदों की संख्या पहले की तरह ही बनी हुई है, जिससे उनकी उम्मीदें धूमिल हो रही हैं।
शिक्षक पात्रता परीक्षा की वैधता अब आजीवन
इस बीच, व्यापमं की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पात्र अभ्यर्थी 8 दिसंबर तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। गौरतलब है कि अब टीईटी पास करने वाले उम्मीदवारों के लिए इस परीक्षा की वैधता आजीवन कर दी गई है। यह सुविधा उम्मीदवारों के लिए राहत भरी है, लेकिन सरकार से मांग है कि रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि प्रदेश के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।



