
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड और बढ़ती शीतलहर को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़ा कदम उठाया है। अंबिकापुर कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जिले के कक्षा 1 से लेकर 5वीं तक के सभी स्कूलों में 10 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया है। उत्तर छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में पारा गिरने के कारण सुबह के वक्त भारी ठिठुरन महसूस की जा रही है जिससे छोटे बच्चों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा था। इस आदेश के बाद अब प्राइमरी स्कूल के छात्रों को आने वाले 4 दिनों तक स्कूल जाने से राहत मिलेगी। यह फैसला छोटे बच्चों के अभिभावकों के लिए बड़ी चिंता दूर करने वाला साबित हुआ है।
निजी और सरकारी सभी स्कूलों पर पाबंदी: शिक्षकों को पहुंचना होगा विद्यालय, कर्मचारियों के लिए कोई राहत नहीं
प्रशासन द्वारा जारी यह आदेश किसी विशेष श्रेणी के स्कूलों के लिए नहीं है बल्कि यह सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त (Private and Aided) स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी स्कूल प्रबंधन इस आदेश का उल्लंघन कर छोटे बच्चों की कक्षाएं नहीं लगा सकेगा। हालांकि आदेश में यह भी जोड़ा गया है कि यह छुट्टी केवल छात्रों के लिए है। स्कूल के सभी शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को अपने तय समय पर विद्यालय पहुंचना होगा और जरूरी प्रशासनिक कार्यों का निपटारा करना होगा। विभाग ने शिक्षकों को भी ठंड से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए अलग नियम: 10वीं-12वीं के प्रैक्टिकल जारी रहेंगे, समय में भी किया गया बदलाव
जहां छोटे बच्चों के लिए स्कूल बंद किए गए हैं वहीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर नियम स्पष्ट रखे गए हैं। कक्षा 10वीं और 12वीं के वे छात्र जिनकी प्रैक्टिकल (प्रायोगिक) परीक्षाएं चल रही हैं उन्हें इस अवकाश का कोई लाभ नहीं मिलेगा। परीक्षार्थियों को अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्कूल जाना होगा ताकि उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में कोई बाधा न आए। इसके साथ ही प्रशासन ने दो पालियों में संचालित होने वाले स्कूलों के समय में भी फेरबदल किया है ताकि सुबह जल्दी स्कूल जाने वाले छात्र कड़ाके की ठंड से बच सकें। प्रशासन मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी निर्णय लिए जा सकते हैं।



