
छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। बीजापुर में सुरक्षाबलों के साथ चल रही मुठभेड़ में अब तक छह नक्सली ढेर किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफलता पर सुरक्षाबलों को बधाई दी है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी (DRG) और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसे लाल आतंक के खिलाफ एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
सीएम साय बोले: लाल आतंक के विरुद्ध अभियान जारी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफलता को लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में सुरक्षाबलों के जवानों की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ सघन अभियान जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस मिशन को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है और प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है।
नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में
मुख्यमंत्री साय ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों के लगातार दबाव और ऑपरेशन के कारण नक्सली कमजोर पड़ रहे हैं। यह सफलता इस बात का संकेत है कि सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के अपने लक्ष्य में तेजी से आगे बढ़ रही है।
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में लिए गए संकल्प की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर 31 मार्च 2026 तक देश और प्रदेश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत यह अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षाबलों की एकजुटता और निर्णायक कार्रवाई
बीजापुर में डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम की यह कार्रवाई सुरक्षाबलों की एकजुटता और उनके साहस को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने जवानों की बड़ी सफलता पर उनका उत्साहवर्धन किया है, जिससे स्पष्ट होता है कि सुरक्षाबल सटीक रणनीति के साथ नक्सलवाद के गढ़ में घुसकर निर्णायक कार्रवाई कर रहे हैं।



