छत्तीसगढ़ का ‘बियर-इन-बियर’ घोटाला: 7 हिल्स ब्रांड पर लगा बैन, कैन पर स्टीकर चिपकाकर बेचने वाली कंपनी पर भारी जुर्माना

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से शुरू हुआ ‘बियर स्कैम’ अब सरकार और आबकारी विभाग के लिए गले की फांस बन गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसमें बियर की कैन के ऊपर दूसरे ब्रांड का लेबल चिपकाकर उसे ग्राहकों को बेचा जा रहा था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा इस वीडियो को साझा किए जाने और सरकार की घेराबंदी करने के बाद आबकारी विभाग हरकत में आया है। विभाग ने जांच में पाया कि ‘7 हिल्स’ बियर की कैन के नीचे दूसरे ब्रांड का लेबल लगा था, जिसके बाद कंपनी पर जुर्माना ठोकते हुए उस ब्रांड की बिक्री पर पूरे प्रदेश में रोक लगा दी गई है।

लेबल के खेल में फंसी शराब कंपनी: 1.50 लाख का जुर्माना और ब्रांड बैन

जांच में यह साफ हो गया कि मेसर्स माइकल ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई ‘सुपर स्ट्रांग 7 हिल्स’ बियर की कैन के साथ छेड़छाड़ की गई थी। असली लेबल हटाने पर उसके नीचे ‘गोल्डन प्राइम लेजर बियर’ का पुराना रैपर पाया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इसे गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए कंपनी से जवाब मांगा था। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आबकारी नियमों के उल्लंघन के तहत कंपनी पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन ने न केवल इस ब्रांड को प्रतिबंधित कर दिया है, बल्कि दुकानों में मौजूद सारा स्टॉक वापस लेने के सख्त आदेश भी दिए हैं।

सेल्समैन ब्लैकलिस्ट और मैनेजर पर गिरी गाज: नियमों की उड़ाई गई धज्जियां

राजनांदगांव की प्रीमियम विदेशी शराब दुकान में हुई इस धांधली में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। जांच में पता चला कि आबकारी विभाग ने इस दुकान को बियर बेचने की अनुमति नहीं दी थी, फिर भी वहां धड़ल्ले से बिक्री जारी थी। लापरवाही और नियम विरुद्ध कार्य करने के आरोप में मुख्य सेल्समैन कैलाश देवांगन को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। अब वह भविष्य में किसी भी सरकारी शराब दुकान में काम नहीं कर पाएगा। दुकान का संचालन करने वाली फर्म ‘राजदीप इंटरप्राइजेज’ को भी कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।

सोशल मीडिया के वीडियो से खुली पोल: विपक्ष ने सरकार को घेरा

यह पूरा मामला तब गरमाया जब राजनांदगांव के एक जागरूक ग्राहक ने बियर की कैन से स्टीकर उखाड़ते हुए वीडियो बनाया और उसे वायरल कर दिया। इस वीडियो ने सरकारी शराब दुकानों में चल रही मिलावटखोरी और फर्जीवाड़े की पोल खोलकर रख दी। विपक्ष ने इसे ‘सुशासन’ के नाम पर जनता की सेहत और जेब के साथ खिलवाड़ करार दिया है। आबकारी विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि क्या इस तरह के ‘रि-लेबलिंग’ वाले स्टॉक अन्य जिलों में भी सप्लाई किए गए थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि मैनेजर या अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, तो उन पर भी गाज गिरना तय है।

सतर्कता और सख्त कार्रवाई: स्टॉक वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

राजनांदगांव की घटना के बाद प्रदेश भर के आबकारी अधिकारियों को शराब दुकानों के स्टॉक की औचक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। 7 हिल्स ब्रांड की बिक्री रुकने के बाद अब गोदामों में जमा पेटियों की गिनती की जा रही है। विभाग का कहना है कि ग्राहकों के भरोसे के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी एजेंसी या कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है और अब अन्य ब्रांडों के सैंपल्स की भी जांच की जा सकती है ताकि भविष्य में इस तरह के ‘स्टीकर घोटाले’ को दोबारा होने से रोका जा सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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