
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों (Terms of Reference) को मंजूरी दे दी है, जिसे नरेंद्र मोदी कैबिनेट का केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा माना जा रहा है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी दी। आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीनों के भीतर प्रस्तुत करनी होंगी।
50 लाख कर्मचारियों को होगा सीधा फायदा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेतन आयोग की नियम एवं शर्तों को मंजूरी दे दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग की सिफारिशों से 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, रक्षा सेवा (Defense Service) के कर्मियों और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों को भी इस वेतन आयोग का लाभ मिलेगा, जिससे व्यापक स्तर पर आर्थिक राहत मिलेगी।
आयोग की कमान और सदस्य
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आठवें वेतन आयोग के अधिकार और कार्यों की रूपरेखा तय कर दी है।
- चेयरमैन: सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई को आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
- सदस्य: आईआईएम बैंगलोर के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के सचिव पंकज जैन को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।
आयोग संभवतः 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा।
जनवरी में ही मिल चुकी थी सैद्धांतिक मंजूरी
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने जानकारी दी कि सरकार ने जनवरी में ही 8वें वेतन आयोग को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी थी। इतने कम समय में आयोग का गठन भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) बनाने से पहले कई मंत्रालयों, जिनमें रक्षा, गृह और रेलवे जैसे बड़े सरकारी कर्मचारी संख्या वाले मंत्रालय शामिल हैं, उनसे गहन सलाह मशविरा किया गया। इसी सलाह मशविरा के बाद ToR तैयार किया गया है।
सैलरी बढ़ोतरी का क्या होगा गणित?
8वें वेतन आयोग में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में अच्छा-खासा इजाफा होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म्स और अन्य एक्सपर्ट्स ने संभावित फिटमेंट फैक्टर और इसके आधार पर वेतन में होने वाली बढ़ोतरी को लेकर अपनी उम्मीदें जताई हैं। एंबिट कैपिटल और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 13 से 34 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
फिटमेंट फैक्टर तय करेगा सैलरी में उछाल
कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी में फिटमेंट फैक्टर की अहम भूमिका होती है। इस बार फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच होने का अनुमान है।
- यदि फिटमेंट फैक्टर 1.83 रहता है, तो सैलरी में 14 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद है।
- यदि फैक्टर बढ़कर 2.46 प्रतिशत तक होता है, तो सैलरी में 34 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपनी रिपोर्ट में 1.8 के फिटमेंट फैक्टर का अनुमान लगाया है, जिसके तहत 13 प्रतिशत सैलरी में बढ़ोतरी हो सकती है। सरकारी टीचर और प्रोफेसरों की सैलरी में भी इसी फैक्टर के आधार पर बढ़ोतरी होगी।



