
रायपुर: छत्तीसगढ़ में पिछले दो वर्षों से करोड़ों रुपये के करीब नौ बड़े और बहुचर्चित घोटालों की जाँच केंद्रीय एजेंसियाँ (ईडी, ईओडब्ल्यू-एसीबी और सीबीआई) कर रही हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें से एक भी जाँच अब तक पूरी नहीं हो पाई है। राज्य में करीब 50 आरोपित रायपुर जेल में बंद हैं, जिनमें पूर्व मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा और कई पूर्व-वर्तमान आईएएस अधिकारी शामिल हैं।
इन नौ प्रमुख घोटालों की जाँच की धीमी रफ़्तार पर अब सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने 3,200 करोड़ के शराब घोटाले की जाँच पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ईडी और ईओडब्ल्यू-एसीबी को 90 दिनों के भीतर अंतिम आरोप पत्र (Final Chargesheet) कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इन 9 प्रमुख घोटालों की जाँच है अधूरी
जिन बड़े घोटालों की जाँच वर्तमान में चल रही है, उनमें शराब घोटाला, कोल लेवी, डीएमएफ फंड का दुरुपयोग, कस्टम मिलिंग, महादेव सट्टा एप, नान घोटाला, एनजीओ घोटाला, सीजीपीएससी और सीजीएमएससी में हुई गड़बड़ियाँ शामिल हैं।
1. शराब घोटाला (₹3,200 करोड़)
- स्थिति: सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला में दिसंबर तक अंतिम रिपोर्ट तैयार करने का अल्टीमेटम दिया है।
- आरोपित: इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, सेवानिवृत्त आईएएस अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर समेत 14 आरोपित जेल में बंद हैं। करीब 30 आबकारी अफसर अग्रिम जमानत पर बाहर हैं।
2. कोयला घोटाला (₹570 करोड़)
- स्थिति: ईओडब्ल्यू ने कोल लेवी घोटाला15 आरोपितों के खिलाफ पहला आरोप पत्र और बाद में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसमें कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को फरार बताया गया है।
- आरोपित: पूर्व उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया, निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी समेत अन्य शामिल हैं। ईडी ने 10 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश राज्य सरकार से की है।
3. DMF घोटाला (₹550 करोड़)
- स्थिति: 10 से अधिक लोग आरोपित हैं, डीएमएफ घोटाला में जाँच एजेंसियों के रडार पर छह आईएएस और 25 से अधिक सप्लायर हैं।
- आरोपित: निलंबित आईएएस रानू साहू, मनोज कुमार द्विवेदी, सेवानिवृत्त आईएएस अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया आदि शामिल हैं। दूरबीन
4. CGMSC घोटाला (₹411 करोड़)
- स्थिति: वर्ष 2022 से चल रहे इस घोटाले में मोक्षित कार्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा समेत छह लोग जेल में बंद हैं, जिनमें सीजीएमएससी के अधिकारी भी शामिल हैं।
5. NGO घोटाला (₹1,000 करोड़)
- स्थिति: हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने समाज कल्याण विभाग से दस्तावेज जब्त किए हैं। राज्य स्त्रोत नि:शक्त जन संस्थान (SRC) घोटाला हुआ है जिसमे 1000 करोड़ का घोटाला हुआ है।
- आरोपित: एफआईआर में सेवानिवृत्त मुख्य सचिव विवेक ढांड, पूर्व एसीएस एमके राउत, बीएल अग्रवाल समेत कई अधिकारियों के नाम हैं। विभिन्न समय पर पदेन चेयरमैन रहीं पूर्व मंत्री रेणुका सिंह, लता उसेंडी, रमशीला साहू और अनिला भेड़िया से भी पूछताछ की तैयारी है।
6. महादेव सट्टा एप
- स्थिति: इस मामले में आरोपित निलंबित एएसआई चंद्रभूषण वर्मा समेत सभी 12 आरोपितों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।
- जाँच की चुनौती: केस के मुख्य फरार आरोपित सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और कई आईपीएस अफसरों के नाम महादेव सट्टा एप मामले में आये है इनके खिलाफ सीबीआई दो साल बाद भी कोई खास कार्रवाई नहीं कर पाई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी ईडी ने एप प्रमोटरों से ₹508 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।
इसके अलावा, नान घोटाला, कस्टम मिलिंग और सीजीपीएससी में दवा व उपकरण खरीदी में हुई गड़बड़ियों की जाँच भी अधूरी है। यह दिखाता है कि राज्य में बड़े घोटालों की जाँच कई सालों से लंबित है, जिसे लेकर न्यायिक सक्रियता की जरूरत महसूस की जा रही है।



