
राजधानी रायपुर में 9 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस द्वारा आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी को जेल भेजने के बाद अब नगर निगम उसके अवैध निर्माणों पर प्रहार करने की तैयारी में है। निगम की टीम ने आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा कर दिया है और सात दिनों के भीतर मकान के मालिकाना हक और निर्माण से जुड़े दस्तावेज पेश करने का अल्टीमेटम दिया है। इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा और निगम के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। माना जा रहा है कि दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलते ही आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया जाएगा।
चॉकलेट का लालच देकर की हैवानियत
यह शर्मनाक वाकया सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहां 65 साल का आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी चूड़ी की दुकान चलाता था। वह अपनी दुकान पर चॉकलेट और अन्य खाने-पीने की चीजें भी रखता था, जिसका लालच देकर वह मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाता था। आरोपी ने 7 जनवरी से 11 जनवरी के बीच मासूम के साथ कई बार दुष्कर्म किया। उम्र के उस पड़ाव पर जहां इंसान को बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलना चाहिए, वहां इस शख्स ने मासूमियत को तार-तार कर दिया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

दर्द से कराहती बच्ची ने खोला राज
इस घिनौनी करतूत का खुलासा तब हुआ जब 12 जनवरी को बच्ची असहनीय दर्द के कारण जमीन पर लेटकर रोने लगी। घर वालों को पहले कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब उसकी चाची उसे नहलाने ले गईं और बच्ची की हालत देखी, तब प्यार से पूछने पर मासूम ने पूरी आपबीती सुनाई। बच्ची की बातें सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई, जिसके बाद उन्होंने बिना देर किए थाने में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल बच्ची का उपचार कराया जा रहा है और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि समाज में ऐसी गंदी मानसिकता रखने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।



