
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के पटवारियों को इस बार लापरवाही भारी पड़ गई है। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में पटवारियों को फटकार लगाई और एक के बाद एक सख्त फैसले सुना दिए। चार पटवारियों की वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) पर रोक लगा दी गई है, जबकि एक परिवीक्षाधीन पटवारी को चेतावनी पत्र थमा दिया गया है।
नक्शा, सीमांकन, किसान किताब – सबकी हुई क्लास
कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में बुलाई गई इस समीक्षा बैठक में तहसीलवार राजस्व प्रकरणों की गहराई से जांच की। नक्शा बटांकन, सीमांकन, अभिलेखों की शुद्धता, आधार इंट्री, किसान किताब और पंजीयन जैसे तमाम मुद्दों पर पटवारियों से सवाल-जवाब हुए। इसके साथ ही स्वामित्व योजना की भी समीक्षा की गई।
नहीं सुधरे तो भुगतना पड़ेगा
राजस्व कार्यों में लगातार ढिलाई दिखा रहे पटवारियों के खिलाफ कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए चार पटवारियों की सालाना वेतनवृद्धि पर असंचयी प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए। एक परिवीक्षाधीन पटवारी को चेतावनी पत्र जारी किया गया। वहीं पेंड्रा तहसील के ग्राम पंचायत बचरवार के कोटवार के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
फिक्स किया गया डेडलाइन
कलेक्टर मंडावी ने आदेश दिया कि नक्शा बटांकन कार्यों में 15 दिन के भीतर 80 प्रतिशत और एक महीने में 95 प्रतिशत प्रगति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा राजस्व पखवाड़ा और सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का निपटारा 5 मई तक करना अनिवार्य होगा। 5 मई से 31 मई तक समाधान शिविर भी लगाए जाएंगे।
पटवारियों की जानकारी अब पंचायत भवनों पर
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर ग्राम पंचायत भवन में दो दिनों के भीतर पटवारी का नाम, मोबाइल नंबर और बैठने के दिन बोर्ड पर चस्पा कर दिए जाएं, ताकि आमजन को जानकारी मिल सके और काम में पारदर्शिता बनी रहे।
कुल मिलाकर, कलेक्टर लीना मंडावी ने यह साफ कर दिया है कि अब पटवारियों की मनमानी नहीं चलेगी। जनता के कामों में टालमटोल और सुस्ती को किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि ये चेतावनी अमल में कब तक नजर आती है।
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