
CG Sushasan Tihar: छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2025 के तहत कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिला। जहां आमतौर पर बड़े नेता रेड कार्पेट और मंचों से जनता से संवाद करते हैं, वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सीधे ज़मीन पर उतर आए।
सोमवार की सुबह कुछ खास थी, खासकर सक्ती ज़िले के बंदोरा गांव के लिए। आसमान से हेलीकॉप्टर उतरा और गांव में हलचल मच गई। किसी को अंदाजा नहीं था कि खुद मुख्यमंत्री वहां आने वाले हैं। हेलीकॉप्टर से उतरते ही मुख्यमंत्री गांव के करीगांव पहुंचे और सीधा पीपल के पुराने पेड़ के नीचे चौपाल जमा ली।
न मंच, न माइक… सिर्फ खाट और जनता की बात
इस चौपाल में कोई बड़ी तैयारी या तामझाम नहीं था। न कोई स्टेज, न कोई भारी-भरकम बैकड्रॉप। मुख्यमंत्री खुद खाट पर बैठ गए और लोगों से सीधे, एकदम देसी अंदाज़ में संवाद किया। माहौल पूरी तरह अनौपचारिक था, लेकिन मुद्दे एकदम गंभीर।
ग्रामीणों की बातें, सरकार के कानों तक
चौपाल में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, सड़क और राशन जैसी बुनियादी ज़रूरतों की समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखी गईं। श्री साय ने हर बात को ध्यान से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश भी दिए।
उन्होंने साफ कहा – “सुशासन तिहार सिर्फ कोई सरकारी फॉर्मेलिटी नहीं है, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच की दूरी कम करने की कोशिश है।”
हल्दी-चावल से स्वागत, कमल फूल की भेंट
मुख्यमंत्री के इस दौरे का ग्रामीणों ने परंपरागत अंदाज़ में स्वागत किया। महिलाएं आगे आईं, हल्दी-चावल से तिलक किया, आरती उतारी और उन्हें कमल के फूल भेंट किए। माहौल पूरी तरह आत्मीय और भावुक हो गया।
महिला समूह और युवाओं पर खास ध्यान
मुख्यमंत्री ने चौपाल के दौरान महिला स्वसहायता समूहों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सरकार इन समूहों को और मज़बूत करने के लिए नई योजनाएं ला रही है। 12इसके अलावा युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रोत्साहित करने की भी बात कही।



