
Naxalites Killed Congress Worker: बीजापुर जिले में नक्सलियों ने कांग्रेस कार्यकर्ता तिरुपति भंडारी की धारदार हथियार से हत्या कर दी। यह घटना उसूर गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चावल बांटते समय हुई। नक्सलियों ने भंडारी को पुलिस मुखबिर समझकर हमला किया। भंडारी के भाई सुरेंद्र भंडारी पुलिस में हैं, जिससे नक्सलियों को शक हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और जांच जारी है।

नक्सलियों का आरोप: पुलिस मुखबिर होने का शक
नक्सलियों ने तिरुपति भंडारी पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाया। भंडारी के भाई सुरेंद्र भंडारी पुलिस में हैं, जिससे नक्सलियों को शक हुआ। हालांकि, भंडारी ने हाल के वर्षों में कोई राजनीतिक सक्रियता नहीं दिखाई थी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने संदिग्ध नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

नक्सल विरोधी अभियान की स्थिति
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य रखा है। हाल ही में बीजापुर-तेलंगाना बॉर्डर पर सुरक्षा बलों ने 26 नक्सलियों को मार गिराया था। हालांकि, भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ऑपरेशन को रोक दिया गया था।
बीजापुर में तिरुपति भंडारी की हत्या नक्सलियों की बढ़ती हिंसा को दर्शाती है। पुलिस की जांच और नक्सल विरोधी अभियानों के बावजूद, नक्सलियों की गतिविधियां जारी हैं। राज्य और केंद्र सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।



