
CG Investment Hub: छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य ने 218 नई परियोजनाओं में ₹1,63,749 करोड़ का निवेश आकर्षित किया है, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष दस निवेश वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
नई औद्योगिक नीति 2024-30: निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर
नई औद्योगिक नीति 2024-30, जो 1 नवंबर 2024 से लागू हुई, ने राज्य को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है। इस नीति में फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 साल तक कर छूट, और ब्याज अनुदान जैसे प्रावधानों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
रोजगार सृजन और कौशल विकास पर जोर
नई नीति के तहत अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति ₹15,000 तक प्रशिक्षण अनुदान जैसे प्रावधान शामिल हैं। इससे राज्य के युवाओं को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने में मदद मिलेगी।
निवेशकों के लिए विशेष प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई सुधार लागू किए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के जरिए सभी स्वीकृतियां और लाइसेंस आसानी से उपलब्ध हैं, और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया को 7 दिनों के भीतर सीमित किया गया है। इन सुधारों ने छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक के लिए छत्तीसगढ़ को एक पसंदीदा गंतव्य बना दिया है।
तकनीकी नवाचार और उभरते क्षेत्र
राज्य ने पहली बार सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, और एआई आधारित उद्योगों के लिए निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। नवा रायपुर में हाल ही में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन हुआ, जो तकनीकी नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम है। नया रायपुर को बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर आईटी हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें नैसकॉम के साथ समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है।
निवेशकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर निवेश को आकर्षित करने के लिए देश के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट का आयोजन किया गया। इन समिट्स में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप ₹4.4 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई में आयोजित समिट में ₹6,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव और अमेरिका व रूस के कॉन्सल जनरल से विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की सहमति मिली। दिल्ली में ₹15,184 करोड़ और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है।
छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति ने राज्य को एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभरने का मार्ग प्रशस्त किया है। निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियों, रोजगार सृजन के अवसरों, और तकनीकी नवाचार के माध्यम से राज्य ने आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। छत्तीसगढ़ अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है। राज्य नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है, जो देश के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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