US Travel Advisory: अमेरिका ने अपने नागरिकों को छत्तीसगढ़ न जाने की दी सलाह, कांग्रेस बोली- क्या यही है ‘अमृत काल’?

US Travel Advisory: अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भारत के छह राज्यों को लेकर नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और मेघालय शामिल हैं। एडवाइजरी में खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में नक्सल गतिविधियों और महिला सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।

अमेरिका ने अपने नागरिकों को इन राज्यों की यात्रा करने से पहले सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर सरकारी अनुमति लेने की सलाह दी है। अमेरिकी अधिकारियों को खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से पहले अनुमति लेनी होगी। वहीं शहरी इलाकों जैसे कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को अपेक्षाकृत सुरक्षित बताया गया है।

महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता, अकेले सफर करने से मना किया

अमेरिका की ट्रैवल एडवाइजरी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर खास चेतावनी दी गई है। अमेरिकी सरकार ने साफ कहा है कि भारत, खासकर इन राज्यों में महिलाएं अकेले यात्रा करते समय सतर्क रहें। बलात्कार और हिंसा की घटनाएं अमेरिका की नजर में चिंता का विषय बनी हुई हैं।

कांग्रेस का केंद्र पर हमला, पूछा- क्या यही है ‘अमृत काल’?

इस एडवाइजरी को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि बिगड़ रही है, तब भी सरकार केवल नारों में व्यस्त है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बेटी बचाओ” अब बस पोस्टरों तक सीमित है, ज़मीन पर महिला सुरक्षा की हालत अमेरिका तक को चिंता में डाल रही है।

वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर भी सवाल खड़े किए। पार्टी नेताओं ने पूछा कि अमेरिका से दोस्ती का ये कौन-सा नतीजा है, जहां हमारे ही राज्यों को खतरे की सूची में डाला जा रहा है?

भाजपा ने किया पलटवार, कांग्रेस पर लगाया ‘प्रदेश को बदनाम’ करने का आरोप

इस पूरे मामले पर भाजपा भी पीछे नहीं रही। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने कांग्रेस नेताओं के बयानों को गैरजिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने यात्रा पर रोक नहीं लगाई है, बल्कि सिर्फ एहतियात बरतने की बात कही है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस जानबूझकर अपने ही राज्य की छवि को धूमिल कर रही है। उन्होंने कहा, “सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करना, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

क्या कहती है एडवाइजरी?

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत के कुछ हिस्सों में माओवादी उग्रवादियों की मौजूदगी आज भी खतरे की घंटी है। छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में ये उग्रवादी अक्सर सरकारी तंत्र और सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हैं।

इसके अलावा, महिला यात्रियों को लेकर भी अमेरिका ने चिंता जताई है और अकेले सफर करते समय सतर्क रहने को कहा है। हालांकि राजधानी जैसे शहरों में घूमने के लिए किसी खास अनुमति की जरूरत नहीं है, जिससे साफ है कि खतरे का स्तर पूरे राज्य में एक जैसा नहीं है।

कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा

अमेरिका की इस एडवाइजरी ने भारत में सियासी हलचल जरूर मचा दी है। एक तरफ कांग्रेस इस मुद्दे को केंद्र सरकार की नाकामी बता रही है, वहीं भाजपा इसे विपक्ष का राजनीतिक स्टंट करार दे रही है। अब देखना होगा कि ये मामला सिर्फ बयानों तक सिमटता है या सरकारें वाकई ज़मीनी स्तर पर सुधार की कोशिश करती हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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