
Christian Hospital Dhamtari: धमतरी जिले के क्रिश्चियन हॉस्पिटल पर लगातार चौकाने वाले आरोप लग रहे हैं। गर्भवती महिला से लेकर एक्सीडेंट मरीज, नवजात शिशु और यहां तक कि धर्मांतरण तक—हर स्तर पर इस अस्पताल की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ के इन मामलों ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला 1: प्रसव के समय कहा—बच्चा मर चुका, 17 हजार लिए और रायपुर रेफर का नाटक, दूसरे अस्पताल में बचा जीवित निकला
Christian Hospital Case: एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल लाया गया। गर्भस्थ शिशु को मृत बताकर किया रेफर, दूसरे अस्पताल में जीवित निकला बच्चा, बच्चे का पैर बाहर था, फिर भी अस्पताल ने कह दिया कि बच्चा मर चुका है और रायपुर ले जाओ। 17,000 रुपए लेने के बाद रायपुर रेफर की बात कही गई। लेकिन परिवार ने सूझबूझ दिखाते हुए पास के एक अन्य अस्पताल में महिला को भर्ती कराया, जहां सिर्फ 5 मिनट में बच्चे का जन्म हुआ—वो भी जिंदा और स्वस्थ। सवाल यह है कि अगर परिवार रायपुर चला जाता तो क्या बच्चे की जान बचती?

मामला 2: MRI की जिद और मौत की दस्तक
एक सड़क दुर्घटना में घायल मरीज पेट में गंभीर चोट के साथ अस्पताल पहुंचा। लेकिन प्राथमिक इलाज की जगह MRI करवाने की जिद की गई। मरीज 24 घंटे तक दर्द से तड़पता रहा। आखिरकार उसे छोटे अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई। आरोप है कि MRI और रेफरल के पीछे कमीशन का खेल था।
मामला 3: ऑपरेशन के दौरान नवजात का पैर तोड़ा, मां को रायपुर भेजा
मीनाक्षी साहू नाम की महिला को बिना परिजनों की सहमति जबरन ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। नवजात को कथित तौर पर डॉ. संदीप पटोन्दा ने पैर दबाकर तोड़ दिया। बच्चे को कमजोर बताकर ICU में डाल दिया गया और मां को सर्दी-खांसी का बहाना बनाकर रायपुर रेफर कर दिया गया। परिवार को एक हफ्ते तक बच्चे से मिलने नहीं दिया गया। जब मुलाकात हुई तो बच्चा दर्द से कराह रहा था। अब वह बच्चा स्थायी रूप से विकलांग है।
मामला 4: किडनी फेल बताकर ठगी, रायपुर में निकली रिपोर्ट सामान्य
एक मरीज को दोनों किडनी फेल बताकर अस्पताल ने लाखों की ठगी की। लेकिन जब रायपुर में दोबारा जांच कराई गई तो किडनी पूरी तरह सामान्य पाई गई। इससे साफ है कि अस्पताल झूठे डायग्नोसिस के जरिए लूटपाट कर रहा है।
आरोप: नर्सिंग कॉलेज में धर्मांतरण और शोषण
Dhamtari Hospital Controversy: शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के साथ संचालित नर्सिंग कॉलेज में हिंदू छात्राओं पर ईसाई युवकों से शादी करने का दबाव बनाया जाता है। धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन, मानवाधिकार हनन और आर्थिक शोषण जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
पीड़ितों की प्रमुख मांगें:
- दोषी डॉक्टरों पर हत्या और धोखाधड़ी के तहत FIR दर्ज हो
- संबंधित डॉक्टरों का मेडिकल लाइसेंस रद्द हो
- नर्सिंग छात्रों से इलाज करवाने पर रोक लगे
- सभी पीड़ितों को उचित मुआवजा मिले
- अस्पताल को सील कर निष्पक्ष जांच की जाए
- नर्सिंग कॉलेज में धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी हो
- जबरन धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगे
- नर्सिंग होम एक्ट का सख्ती से पालन हो
- लापरवाही से हुई मौतों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए
प्रशासन से कार्रवाई की मांग और चेतावनी
Dhamtari Big News: जिला प्रशासन की निष्क्रियता को देखते हुए शिकायतकर्ताओं ने मंत्रालय तक गुहार लगाई है। यदि वहां से भी न्याय नहीं मिला, तो कोर्ट का रुख करने की चेतावनी दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हॉस्पिटल की चुप्पी
जब बठेना स्थित क्रिश्चियन हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. संदीप पटोन्दा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सवाल सुनते ही यह कहते हुए फोन काट दिया कि वे मीडिया में कोई जवाब नहीं देंगे।
Dhamtari Hospital: इस पूरे घटनाक्रम ने केवल धमतरी ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। क्या मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाला यह अस्पताल इलाज की जगह व्यापार चला रहा है? यदि आरोप सही हैं, तो उचित कार्यवाही होनी चाहिए।
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