
बिलासपुर: Sai Cabinet Expansion: छत्तीसगढ़ की साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। याचिका में कैबिनेट में 14 मंत्रियों की नियुक्ति को असंवैधानिक बताया गया है। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता से ही उसकी पृष्ठभूमि और कार्यों को लेकर सवाल पूछे।
कोर्ट ने पूछा: क्या किया है समाज के लिए, बताओ पूरा ब्यौरा
14 Ministers Chhattisgarh: सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता से पूछा कि वह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बता रहा है, लेकिन उसका सामाजिक क्षेत्र में क्या योगदान रहा है? अब तक कौन-कौन से कार्य किए गए हैं? उनका कोई ठोस दस्तावेज या प्रमाण है तो कोर्ट के सामने पेश करें। इस सवाल-जवाब के बीच कोर्ट ने राज्य शासन से भी जवाब दाखिल करने को कहा है। साथ ही अगली सुनवाई की तारीख 2 सितंबर तय की गई है।
क्या है मामला: 14 मंत्रियों की नियुक्ति को बताया असंवैधानिक
Sai Government Ministers: दरअसल, याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 164(1A) के तहत मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 13 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं। लेकिन राज्य सरकार ने 14 मंत्रियों को शपथ दिला दी, जो कि संविधान के विपरीत है। याचिका में मुख्यमंत्री, सामान्य प्रशासन विभाग और सभी 14 मंत्रियों को पक्षकार बनाया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा है।
भाजपा-कांग्रेस में भी बढ़ा सियासी तनाव
साय सरकार के कैबिनेट विस्तार के बाद राजनीतिक खींचतान भी तेज हो गई है। कांग्रेस इस पूरे मामले को शुरू से ही असंवैधानिक बता रही है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को इस पर स्पष्टता लानी चाहिए और अगर प्रक्रिया सही है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस संबंध में राज्यपाल को पत्र भी लिखा है। उनका कहना है कि सरकार चाहे तो संसदीय सचिव बना सकती है, लेकिन उन्हें मंत्री का दर्जा नहीं दिया जा सकता। हमारा मकसद किसी मंत्री को हटाना नहीं है, बल्कि संविधान के अनुरूप सरकार को काम करना चाहिए।
अन्य राज्यों में भी यही स्थिति
इस पूरे मुद्दे पर यह तर्क भी सामने आया है कि हरियाणा जैसे राज्यों में भी 90 विधानसभा सीटों के बावजूद 14 मंत्री बनाए गए हैं। ऐसे में यह बहस सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों में भी इसका असर पड़ सकता है।
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