
रायपुर: CG Employees Salary Break: छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बड़ा अलर्ट जारी हुआ है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समय सीमा तक KYC अपडेट नहीं हुआ, तो इस माह से वेतन भुगतान पर रोक (Salary Break) लग सकती है।
62% कर्मचारी अब भी पिछड़े
KYC Update: राज्य शासन से मिली जानकारी के अनुसार, 43 विभागों के 62.42% अधिकारी और कर्मचारी अभी तक अपना KYC अपडेट नहीं करा पाए हैं। अब तक केवल 97,328 कर्मचारियों का KYC अपडेट हुआ है, जबकि करीब 3 लाख कर्मचारी अभी भी अधूरी प्रक्रिया के कारण सूची में शामिल हैं।
ट्रेजरी अधिकारियों का कहना है कि यदि तय समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो इसका सीधा असर वेतन आहरण और बैंक ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा।
किन विभागों की स्थिति सबसे खराब
कई विभागों में केवाईसी अपडेट की स्थिति बेहद चिंताजनक है। खास बात यह है कि ग्रामोद्योग, साइंस एंड टेक्नोलॉजी और रिहैबिलिटेशन विभाग में एक भी कर्मचारी का KYC अपडेट नहीं हुआ है।
कुछ अन्य विभागों की स्थिति इस प्रकार है:
- अरबन एडमिनिस्ट्रेशन – 92.68%
- एनर्जी – 71.56%
- पब्लिक रिलेशन – 64.55%
- पीडब्ल्यूडी – 58.14%
- महिला एवं बाल विकास – 53.18%
- मेडिकल एजुकेशन – 57.45%
- लॉ एंड लेजिस्लेटिव अफेयर – 49.86%
सरकार की सख्ती – आखिरी मोहलत
शासन ने पहले 24 अप्रैल तक KYC अपडेट करने की डेडलाइन दी थी। बाद में इसे 15 दिन और बढ़ाया गया। अब सरकार ने 30 सितंबर को अंतिम समय सीमा घोषित करते हुए कहा है कि उसके बाद कोई छूट नहीं दी जाएगी।
सभी विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर कहा गया है कि वे अपने-अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से तुरंत KYC अपडेट कराएं और जानकारी ट्रेजरी को भेजें। इसके लिए एम्प्लॉयी कॉर्नर ऐप और पोर्टल उपलब्ध कराया गया है।
क्यों ज़रूरी है KYC अपडेट
विशेषज्ञों का कहना है कि KYC अपडेट नहीं होने पर कर्मचारियों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
- वेतन और भत्ते अटक सकते हैं।
- पेंशन और अन्य वित्तीय लेन-देन प्रभावित होंगे।
- कर्मचारियों के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां दर्ज रह सकती हैं।
सरकार ने इसे कर्मचारियों के लिए “आर्थिक सुरक्षा” से जुड़ा अहम कदम बताया है।
अब देखना होगा कि करीब तीन लाख कर्मचारियों में से कितने 30 सितंबर से पहले अपनी जानकारी अपडेट कर पाते हैं, या फिर बड़ी संख्या में कर्मचारियों को वास्तव में सैलरी ब्रेक का सामना करना पड़ेगा।



