
रायपुर: गरबा नृत्य को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल रायपुर महानगर ने खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक गरबा का आयोजन केवल मंदिर परिसरों या दुर्गा पंडालों में ही किया जा सकेगा।
केवल धार्मिक गीतों की अनुमति
कार्यक्रम में देवी गीत, धार्मिक भजन और जसगीत ही बजाए जाएंगे। आयोजकों को साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि फिल्मी गाने या अश्लील गीतों पर पूरी तरह रोक रहेगी।

पारंपरिक परिधान जरूरी
गरबा में भाग लेने वाले लोगों को पारंपरिक परिधान और वेशभूषा पहनना अनिवार्य होगा। किसी आधुनिक या असंगत ड्रेस को अनुमति नहीं दी जाएगी।
रात 12 बजे तक ही कार्यक्रम
महिला और बच्चियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गरबा कार्यक्रमों की समय सीमा तय की गई है। आयोजकों को रात 12 बजे तक ही आयोजन करने की अनुमति दी जाएगी।
सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था
आयोजन स्थल पर सुरक्षा की जिम्मेदारी समिति की होगी। बाउंसर या गार्ड की नियुक्ति सिर्फ हिंदू समाज से की जानी चाहिए। पार्किंग की व्यवस्था भी उचित तरीके से करनी होगी और वहां तैनात कर्मचारी भी हिंदू समाज से होने चाहिए।
गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक
गरबा नृत्य में गैर-हिंदू युवकों और युवतियों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
नशा और मांसाहार पर प्रतिबंध
गरबा मैदान और उसके आसपास नशाखोरी तथा मांसाहार की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
बजरंग दल पदाधिकारियों ने कहा है कि अगर कोई समिति इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करती है, तो विहिप और बजरंग दल अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे। इस स्थिति की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
बैठक में शामिल पदाधिकारी
दिशा-निर्देश जारी करने के दौरान प्रांत से ऋषि मिश्रा, विभाग से रमन नायडू और रवि वाधवानी, जिला मंत्री बंटी कटरे, जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा सहित रायपुर महानगर के 14 प्रखंडों के कार्यकर्ता मौजूद थे।



