
रायपुर: CG Car Cake Cutting Case: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निजी सचिव (PA) राजेंद्र दास की पत्नी द्वारा सड़क पर लग्जरी कार के बोनट पर केक काटने और आतिशबाजी करने का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा बवाल मच गया है। इस मामले में पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगने के बाद मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के एसपी चंद्र मोहन सिंह पर गाज गिरी है।
स्वास्थ्य मंत्री के PA की पत्नी ने सड़क पर मनाया बर्थडे
यह विवाद तब शुरू हुआ जब स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निजी सचिव राजेंद्र दास की पत्नी का बर्थडे सड़क पर मनाया गया। वायरल वीडियो में वह एक लग्जरी कार के बोनट पर केक काटते और फिर जमकर आतिशबाजी करते दिखीं। इस घटना पर आम नागरिकों और मीडिया ने कड़ी आपत्ति जताई।

पुलिस पर लापरवाही का लगा गंभीर आरोप
मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे। मिली जानकारी के मुताबिक, मनेंद्रगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते समय जानबूझकर मंत्री के PA राजेंद्र दास का नाम नहीं लिखा। पुलिस ने केवल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिससे जांच की निष्पक्षता पर संदेह पैदा हुआ।
हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, मुख्य सचिव से मांगा जवाब
जब यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के संज्ञान में आया, तो न्यायालय ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव (Chief Secretary) से शपथ पत्र (Affidavit) के साथ जवाब मांगा कि आखिर पुलिस कार्रवाई में इतनी लापरवाही क्यों बरती गई और एफआईआर में नाम क्यों नहीं जोड़ा गया।
एसपी चंद्र मोहन सिंह पर गिरी गाज
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों और नाराजगी के बाद गृह विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, एसपी पर थाना प्रभारी को बचाने की कोशिश करने का आरोप था, जिससे जांच पर सवाल खड़े हो रहे थे।
कोर्ट ने सख्त कार्रवाई का दिया निर्देश
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश अमितेंद्र प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। कोर्ट ने कहा था कि स्वास्थ्य मंत्री इस पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करें और सरकार को भी ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
गृह विभाग ने किया स्पष्टीकरण
गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से एसपी को हटा दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि जांच में लापरवाही बरतने के कारण यह फैसला लिया गया है और जल्द ही मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में नए अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, ताकि कानून-व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।



