
CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला (Liquor Scam) मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) के बेटे चैतन्य बघेल (Chaitanya Baghel) की जमानत याचिका विशेष ईडी कोर्ट (ED Court) ने खारिज कर दी है। ईडी ने उन्हें 18 जुलाई को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ है कि चैतन्य को इस घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नकद प्राप्त हुए थे, जिन्हें उन्होंने रियल एस्टेट कारोबार में निवेश किया। कोर्ट के इस फैसले से बघेल परिवार को बड़ा झटका लगा है।
ED कोर्ट ने चैतन्य बघेल की जमानत याचिका खारिज की
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में चल रहे शराब घोटाला (Liquor Scam) मामले में बड़ा मोड़ आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी की विशेष अदालत (ED Special Court) से राहत नहीं मिल सकी। कोर्ट ने सोमवार को उनकी जमानत याचिका (Bail Plea) को खारिज कर दिया। अब चैतन्य को न्यायिक रिमांड (Judicial Custody) में ही रहना होगा। सूत्रों के अनुसार, उनकी जमानत अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई पूरी हो गई थी और अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था। आज आदेश जारी करते हुए कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले एसीबी-ईओडब्ल्यू (ACB-EOW) ने 15 अक्टूबर को रिमांड खत्म होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चैतन्य को पेश किया था, जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।
जन्मदिन पर हुई गिरफ्तारी
ईडी (ED) ने 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को उनके भिलाई (Bhilai) स्थित निवास से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई थी। यह मामला एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर (Raipur) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुआ था, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और आईपीसी (IPC) की धाराएं शामिल थीं।
ईडी की जांच में सामने आया 16.70 करोड़ रुपये का लेनदेन
ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये की राशि मिली। उन्होंने यह रकम अपनी रियल एस्टेट कंपनियों (Real Estate Firms) के माध्यम से निवेश की। जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने ठेकेदारों को नकद भुगतान (Cash Payments) और बैंकिंग ट्रेल (Banking Trail) के जरिए रकम के लेनदेन किए।
‘विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट’ में निवेश का खुलासा
ईडी का दावा है कि चैतन्य ने त्रिलोक सिंह ढिल्लों (Trilok Singh Dhillon) के साथ मिलकर एक योजना तैयार की थी, जिसके तहत कर्मचारियों के नाम पर “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट (Vitthalpuram Project)” में फ्लैट खरीदे गए। इस प्रक्रिया के जरिए 5 करोड़ रुपये की राशि अप्रत्यक्ष रूप से ट्रांसफर की गई।
शराब घोटाले में पहले से कई बड़े नाम गिरफ्तार
इस मामले में ईडी पहले ही कई बड़े अधिकारियों और नेताओं को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शामिल हैं:
- पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा (Anil Tuteja)
- अरविंद सिंह (Arvind Singh)
- व्यापारी त्रिलोक सिंह ढिल्लों (Trilok Singh Dhillon)
- पूर्व मंत्री एवं विधायक कवासी लखमा (Kawasi Lakhma)
- आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी (Arun Pati Tripathi)
- कारोबारी अनवर ढेबर (Anwar Dhebar)
जांच जारी, राज्य को 2,500 करोड़ का नुकसान
ईडी की जांच टीम अब भी इस घोटाले के वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) और राजनीतिक कनेक्शन (Political Connections) की गहराई से पड़ताल कर रही है। एजेंसी का दावा है कि इस घोटाले से राज्य के खजाने को लगभग 2,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। फिलहाल, चैतन्य बघेल न्यायिक हिरासत में हैं और 29 अक्टूबर तक जेल में रहेंगे।
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