
धमतरी: Rajadera Dam Video: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित मगरलोड इलाके का राजाडेरा बांध अचानक टूट गया है। बांध का तटबंध टूटने से भारी मात्रा में पानी बेकार बह गया, जिससे आसपास के बड़े इलाके के खेतों में पानी घुस गया। इस हादसे में किसानों द्वारा काटकर सूखने के लिए रखी गई फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बांध टूटने से खेतों में आई बाढ़
राजाडेरा जलाशय का तटबंध रविवार सुबह अचानक टेल एरिया के पास टूट गया। तटबंध टूटने के कारण पानी बाढ़ के रूप में निचले इलाकों के खेतों में तेजी से फैल गया। इससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
किसानों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि पानी घुसने से उनकी वह फसल बर्बाद हो गई है जिसे वे काटकर सूखने के लिए खेतों में रखे हुए थे। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले से बांध का ऊपरी हिस्सा धंसा हुआ दिख रहा था, लेकिन अचानक बांध टूट जाएगा, इसका किसी को अंदाजा नहीं था।
करोड़ों की लागत से बना था यह बांध
यह राजाडेरा बांध करीब 10 वर्ष पूर्व 15 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। इसे मगरलोड क्षेत्र के आस-पास के 11 गाँवों, जैसे बेलरदोना, कोरगांव, शुक्लाभाठा, और आमाचानी, के लगभग 17 सौ हेक्टेयर रकबे में सिंचाई के लिए बनाया गया था। बांध टूटने से इन सभी गाँवों के किसान चिंतित हैं, क्योंकि उनकी सिंचाई व्यवस्था और वर्तमान फसल दोनों को नुकसान पहुँचा है।
निर्माण काल से ही हो रहा था रिसाव
किसानों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही इस हादसे की मुख्य वजह है। जलाशय के निर्माण के कुछ ही वर्षों बाद इसका गेट क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसे सिर्फ लीपापोती करके सुधारा गया। सबसे बड़ी बात यह है कि जब से इस जलाशय का निर्माण हुआ है, तब से ही यहाँ से पानी का लगातार रिसाव हो रहा था। इस रिसाव को रोकने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा काफी रकम खर्च की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हो सका।
देखिये वीडियो-
सिंचाई अमला कर रहा है नुकसान का सर्वे
बांध टूटने और फसल बर्बाद होने की सूचना मिलते ही राजस्व और जल संसाधन विभागों की टीमें हरकत में आ गईं। दोनों विभागों का दावा है कि उनकी टीमें किसानों को हुए नुकसान के आकलन के लिए सर्वे करने मौके पर निकल गई हैं।
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