
दुर्ग: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी औपचारिक रूप से शुरू हो गई है, जो 31 जनवरी तक चलेगी। इस वर्ष भी किसानों को प्रति क्विंटल ₹3,100 का मूल्य मिलेगा। धान खरीदी के साथ ही किसानों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर दुर्ग पुलिस ने एक व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस ने उठाई गिरोह, ठग और साइबर अपराधियों से बचने के लिए 16 महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाहें जारी करते हुए किसानों और बैंक प्रबंधन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
बैंक लेनदेन और यात्रा के दौरान सुरक्षा उपाय
धान खरीदी सीजन के दौरान खातों में बड़ी राशि जमा होने पर उठाई गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। इन 8 बातों का रखें ध्यान:
- बैंक में सिर्फ अधिकृत कर्मचारी से ही मदद लें: पैसे जमा या निकासी करते समय अपनी जानकारी किसी को न बताएँ। मदद के लिए केवल बैंक के कर्मचारी से ही संपर्क करें।
- नोटों की गिनती सिर्फ बैंक के अंदर करें: पैसे निकालने के बाद नोटों की गिनती हमेशा बैंक के अंदर ही पूरी करें, बाहर सड़क या दुकान पर पैसा न दिखाएँ।
- बैंक आते-जाते समय पैसों को सुरक्षित रखें: पैसा हमेशा शरीर से सटाकर रखे गए बैग में रखें, जिससे चोरी और लूटपाट की संभावना कम हो।
- बैंक जाते समय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को साथ रखें: बैंक आने-जाने के समय किसी मित्र या परिवार के सदस्य को साथ लेकर जाएँ और गाड़ी पार्क करते समय संदिग्धों पर ध्यान दें।
- बैंक आते-जाते समय संदेह होने पर तुरंत पुलिस को बताएं: अगर कोई पीछा कर रहा हो या संदिग्ध दिखे, तो सीधे घर न जाएँ, नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुँचें या कंट्रोल रूम (9479192099 या 112) पर संपर्क करें।
- नकदी को गाड़ी की डिक्की में न रखें: पैसे निकालने के बाद उन्हें गाड़ी की डिक्की में रखने से बचें, क्योंकि डिक्की का ताला अपराधी आसानी से तोड़ लेते हैं।
- पैसे निकालकर सीधे घर जाएँ, रास्ते में रुकें नहीं: बैंक से पैसे निकालने के बाद बिना रुके सीधे घर जाएँ, रास्ते में अनजान व्यक्ति की बातों में न आएँ या होटल/दुकान पर न रुकें।
- अपने बैंक विवरण और धन की बात किसी से साझा न करें: अपने बैंक का लेन-देन, पैसा कब निकाला या कितना निकाला—ऐसी जानकारी किसी से न बताएं।
साइबर और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने की सलाहें
डिजिटल माध्यमों से होने वाली ठगी से बचने के लिए ये 8 उपाय अपनाएँ:
- अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें: किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने ATM नंबर, आधार नंबर, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या किसी भी दस्तावेज की जानकारी न दें।
- OTP और PIN किसी को न बताएं: अपने बैंक कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI का पासवर्ड, PIN, OTP किसी को भी न बताएं—बैंक कर्मचारी कभी फोन पर OTP नहीं मांगता।
- अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें: किसी भी अनजान लिंक, संदेश, लॉटरी या पुरस्कार वाले मैसेज पर विश्वास न करें, क्योंकि इनसे आपका मोबाइल या बैंक अकाउंट हैक हो सकता है।
- सोशल मीडिया की फर्जी जानकारी से बचें: फेसबुक, व्हाट्सऐप या किसी भी सोशल मीडिया पर आए बैंक या पैसों से जुड़े संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें; किसी भी जानकारी की पुष्टि हमेशा बैंक शाखा या आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर ही करें।
- KYC वाले कॉल और SMS से सावधान रहें: KYC अपडेट का बहाना बनाकर अपराधी आपका PIN, पासवर्ड और OTP माँगते हैं—KYC हमेशा बैंक शाखा में जाकर ही कराएँ।
- AI आवाज़ वाले धोखाधड़ी कॉल से बचें: सिर्फ आवाज़ से किसी पर भरोसा न करें; AI आवाज़ बनाकर पैसे मांगने पर पहले वीडियो कॉल करें और पहचान की पुष्टि करें।
- डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest) से बचें: अपराधी खुद को पुलिस/CBI का अधिकारी बताकर ऑनलाइन पैसे जमा करवाने का दबाव बनाते हैं—यह पूरा धोखा है, पुलिस कभी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती।
- फर्जी ग्राहक सेवा (Customer Care) से बचकर रहें: गूगल पर दिखने वाले कई कस्टमर केयर नंबर नकली होते हैं—सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट के नंबरों का ही उपयोग करें।
जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश में धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था का दावा किया है, जिसके तहत पहले दिन 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। वहीं दुर्ग पुलिस ने किसानों से अपील की है कि धान खरीदी सीजन आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, इसलिए वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस को सूचित करें और अनजान व्यक्तियों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। सुरक्षा सबसे पहले, सतर्कता सर्वोपरि।



