
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) गरीब परिवारों को पक्का मकान प्रदान करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। बलौदाबाजार जिले में वर्ष 2025-26 के लिए 26,400 आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इनमें से 25,580 लाभार्थियों के खाते में पहली किश्त की राशि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्योत्सव के अवसर पर सीधे जारी की गई है। इस योजना का उद्देश्य केवल आवास की कमी को दूर करना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना भी है। कलेक्टर के निर्देशानुसार स्वीकृत सभी आवासों को जल्द से जल्द शुरू कराकर समय-सीमा में पूर्ण कराने पर जोर दिया जा रहा है।
निर्माण को गति देने के लिए ग्राम पंचायतों में ‘आवास चौपाल’
स्वीकृत आवासों के शीघ्र निर्माण को सुनिश्चित करने के लिए जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ‘आवास चौपाल’ का आयोजन कराया जा रहा है। इन चौपालों में तकनीकी अधिकारी शामिल होते हैं और नवीन किश्त प्राप्त हितग्राहियों, अधूरे आवासों के लाभार्थियों, राजमिस्त्रियों, निर्माण सामग्री सप्लायरों, सरपंचों और सचिवों को एक मंच पर लाते हैं। चौपाल का मुख्य उद्देश्य आवास निर्माण की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना, रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराना, और सौर सुजला के तहत सौर पैनल लगवाने की जानकारी देना है। अब तक बलौदाबाजार, भाटापारा, कसडोल और पलारी की कई पंचायतों में यह चौपाल आयोजित की जा चुकी है।
अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा करने पर जोर
‘आवास चौपाल’ में विशेष रूप से पूर्व वर्षों के स्वीकृत लेकिन अपूर्ण आवासों को जल्दी पूर्ण कराने पर चर्चा की जा रही है। साथ ही, वर्ष 2025-26 में प्रथम किश्त प्राप्त 25,580 आवासों के हितग्राहियों से तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने का आग्रह किया जा रहा है। इन चौपालों में कन्वर्जेन्स (Convergence) के माध्यम से योजना के तहत मिलने वाले अन्य लाभों जैसे शौचालय निर्माण, उज्ज्वला गैस कनेक्शन आदि की जानकारी भी दी जा रही है। राजमिस्त्रियों और निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों पर भी पंचायतों में विचार-विमर्श हो रहा है।
योजना पूर्णतः निःशुल्क: अनाधिकृत वसूली से सावधान
कलेक्टर बलौदाबाजार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एक पारदर्शी और पूर्णतः निःशुल्क योजना है। उन्होंने कहा है कि किसी भी स्तर पर कोई भी व्यक्ति अनाधिकृत वसूली, कमीशन या सुविधा शुल्क की मांग नहीं कर सकता। यदि कोई व्यक्ति आवास पास कराने, किश्त जल्दी दिलाने या किसी अन्य बहाने से पैसा मांगता है, तो तत्काल इसकी शिकायत जनपद पंचायत सीईओ, सीईओ जिला पंचायत या कलेक्टर कार्यालय में दर्ज कराएं। ऐसे मामलों की त्वरित जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह योजना गरीबों को ईमानदारी से मिल सके।



