छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल आज देंगे गिरफ्तारी

रायपुर: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल आज शुक्रवार, 5 दिसंबर को पुलिस के समक्ष गिरफ्तारी दे सकते हैं। इस संबंध में उन्होंने गुरुवार को एक वीडियो जारी कर खुद ही यह जानकारी दी। बताया जा रहा है कि सरेंडर करने से पहले वे सर्व छत्तीसगढ़िया समाज की यात्रा में शामिल होंगे। गौरतलब है कि अमित बघेल के खिलाफ विवादित टिप्पणी को लेकर छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों में एफआईआर दर्ज है। रायपुर पुलिस ने उन्हें फरार घोषित करते हुए पाँच हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है।

सिंधी-अग्रवाल समाज के धर्मगुरुओं पर की थी विवादित टिप्पणी

अमित बघेल के खिलाफ मामला तब तूल पकड़ा जब हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर अग्रवाल और सिंधी समुदाय को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। अमित बघेल ने भगवान झूलेलाल और महाराजा अग्रसेन जैसे पूजनीय व्यक्तित्वों के प्रति आपत्तिजनक बातें कही थीं, जिसके बाद सिंधी और अग्रवाल समुदायों में भारी आक्रोश फैल गया। समाज ने प्रदर्शन कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी, जिसके फलस्वरूप कई राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई।

कई राज्यों में दर्ज हैं FIR, थे फरार घोषित

अमित बघेल के खिलाफ दर्ज एफआईआर की वजह से वे फरार चल रहे थे। उनके खिलाफ सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली सहित कई राज्यों में भी मामले दर्ज हैं। रायपुर पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए पाँच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। समर्थकों की ओर से जारी वीडियो के अनुसार, शुक्रवार को कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान ही वे पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगे।

क्या है पूरा मामला: छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से विवाद

इस पूरे विवाद की शुरुआत 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर में हुई थी, जब एक युवक ने कथित तौर पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने मौके पर हंगामा किया और पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई थी। पुलिस ने अगले दिन आरोपी मनोज सतनामी को गिरफ्तार किया। इस घटना के ठीक अगले दिन, 27 अक्टूबर को अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, भगवान झूलेलाल और अन्य महापुरुषों को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे विवाद देशव्यापी हो गया।

पुलिस यात्रा से पहले गिरफ्तारी की कर रही है कोशिश

एक तरफ जहां अमित बघेल ने आत्मसमर्पण की योजना बनाई है, वहीं रायपुर पुलिस उन्हें सर्व छत्तीसगढ़िया समाज की यात्रा में शामिल होने से पहले ही गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। पुलिस संभावित विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाना चाहती है। पूरे क्षेत्र में पुलिस की नजर उनके आसपास की गतिविधियों पर टिकी है।

जोहार पार्टी के संस्थापक का विवादों से पुराना नाता

जोहार पार्टी के संस्थापक अमित बघेल का विवादों से पुराना नाता रहा है। वे छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के भी संस्थापक प्रमुख हैं। स्थानीय मुद्दों, आरक्षण, पहचान और सांस्कृतिक राजनीति पर मुखर रहने के कारण वे अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। हालांकि, उनके उग्र बयानों की वजह से कई बार कानूनी विवादों में भी घिर चुके हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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