
नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नए साल में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आ रही है। सरकार ‘स्वामी-फंड 2’ (SWAMIH Fund 2) फंड की रूपरेखा तैयार कर रही है, जिसे जल्द ही जमीन पर उतारा जाएगा। इस योजना के तहत लगभग 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन आवासीय परियोजनाओं को पूरा करना है जो फंड की कमी के कारण अधूरी लटकी हुई हैं। इस कदम से देश भर के लगभग एक लाख ऐसे घर खरीदारों को सीधा लाभ मिलेगा, जो बरसों से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार की इस पहल से न केवल रियल एस्टेट सेक्टर में रुकी हुई पूंजी वापस आएगी, बल्कि मध्यम वर्ग का भरोसा भी मजबूत होगा।
किस्तें भरने वालों की खत्म होगी टेंशन: ईएमआई के बोझ से मिलेगी मुक्ति
यह योजना उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो अपने फ्लैट के लिए बैंक लोन की ईएमआई तो भर रहे हैं, लेकिन प्रोजेक्ट अटकने की वजह से उन्हें मकान का कब्जा नहीं मिल पाया है। ‘स्वामी-फंड 2’ उन प्रोजेक्ट्स को अंतिम दौर की फंडिंग (लास्ट माइल फंडिंग) उपलब्ध कराएगा जो व्यावसायिक रूप से सफल हो सकते हैं। इससे मार्केट में लिक्विडिटी यानी नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। रियल एस्टेट सेक्टर में छाई सुस्ती को दूर करने और बाजार को स्थिरता देने में यह फंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे खरीदारों को समय पर उनके घर की चाबियां मिल सकेंगी।
2019 में हुई थी शुरुआत: एसबीआईकैप वेंचर्स संभालेगी जिम्मेदारी
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने नवंबर 2019 में किफायती और मध्यम आय वाले आवासों के लिए ‘स्वामी’ (Special Window for Affordable and Mid-Income Housing) फंड की पहली किस्त लॉन्च की थी। यह एक वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) के रूप में काम करता है, जो प्राथमिकता के आधार पर अटके हुए घरों को पूरा करने के लिए कर्ज देता है। इस पूरे फंड का प्रबंधन भारतीय स्टेट बैंक समूह की कंपनी ‘एसबीआईकैप वेंचर्स लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि पहले चरण की सफलता के बाद अब दूसरे चरण से उन लाखों परिवारों का सपना सच हो सकेगा जो अपनी जमा-पूंजी निवेश करने के बाद अधर में फंसे हुए थे।



