
छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में रायपुर से जुड़ा एक हैरान करने वाला घटनाक्रम सामने आया है। रायपुर शहर जिला भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की जिलाध्यक्ष बनाई गईं सावित्री जगत की नियुक्ति महज 9 घंटे के भीतर ही रद्द कर दी गई। यह फैसला सामने आते ही पार्टी और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं।
प्रदेश महामंत्री का पत्र बना आधार
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मारकंडेय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सावित्री जगत की नियुक्ति त्रुटिवश हो गई थी। इसी वजह से इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा रहा है। पत्र में किसी अन्य कारण का उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन “त्रुटिवश” शब्द को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।

आपत्तियों के बाद बदला निर्णय
सूत्रों के अनुसार, नियुक्ति की जानकारी सार्वजनिक होते ही संगठन के कुछ स्तरों से इस पर आपत्ति जताई गई। इसके बाद मामले की तेजी से समीक्षा की गई और करीब 9 घंटे के भीतर ही फैसला पलट दिया गया। इतनी जल्दी कार्रवाई से साफ है कि यह मामला पार्टी नेतृत्व के लिए संवेदनशील माना गया।
चूक कहां हुई, अब भी सस्पेंस
नियुक्ति रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि गलती आखिर किस स्तर पर हुई। क्या यह सिर्फ प्रशासनिक चूक थी या संगठन के भीतर संतुलन से जुड़ा मामला था। पार्टी की ओर से इस पर अभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है, जिससे अंदरखाने चर्चाओं का दौर जारी है।
नई नियुक्ति की तैयारी, अनुशासन पर जोर
भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि रायपुर शहर जिला SC मोर्चा के अध्यक्ष पद पर जल्द नई नियुक्ति की जाएगी। फिलहाल यह पद खाली है। साथ ही पार्टी ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अनुशासन बनाए रखें। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रायपुर जैसे बड़े शहर में SC मोर्चा की भूमिका अहम है, इसलिए यह फैसला खास ध्यान खींच रहा है।
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