
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली एक गंभीर खबर सामने आई है। अंतागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़े तेवड़ा में स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर को असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। रविवार तड़के हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मंदिर में आगजनी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और घटना को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों के बीच बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने गांव में सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।

शव दफनाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
कांकेर जिले के इस गांव में पिछले चार दिनों से स्थिति नाजुक बनी हुई है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब गांव के एक धर्मांतरित बुजुर्ग की मृत्यु के बाद उनके शव को दफनाने के स्थान को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। इस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और आक्रोशित भीड़ ने गांव के चर्च में भी तोड़फोड़ और आगजनी की थी। उसी तनावपूर्ण माहौल के बीच अब हिंदू आस्था के केंद्र शीतला मंदिर को निशाना बनाए जाने से मामला और ज्यादा पेचीदा हो गया है।

ग्रामीणों ने धर्मांतरित समूह पर लगाया साजिश का आरोप
गांव के निवासियों का कहना है कि मंदिर में लगाई गई आग महज कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर उन लोगों पर शक जाहिर किया है जिन्होंने हाल ही में धर्म परिवर्तन किया है। उनका मानना है कि चर्च में हुई आगजनी का बदला लेने के लिए मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी पक्ष की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है।

पुलिस ने शुरू की जांच, इलाके में फ्लैग मार्च की तैयारी
पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग से हुए नुकसान का मुआयना किया और अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अंतागढ़ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन गांव की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके और दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।



