
छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के महत्वपूर्ण कड़ी और कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को अपनी हिरासत में ले लिया है। बुधवार को उसे कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से पुलिस को पूछताछ के लिए चार दिनों की रिमांड मिली है। मयंक को हाल ही में अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था, जिसके बाद रायपुर पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची से यहाँ लेकर आई है। पुलिस अब उससे शहर के तेलीबांधा इलाके में एक रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी के दफ्तर पर हुई फायरिंग के मामले में पूछताछ करेगी। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
तेलीबांधा फायरिंग की साजिश का मास्टरमाइंड: अमन साव का था दाहिना हाथ
जुलाई 2024 में रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र में हुई गोलीबारी ने पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी थी। जांच में पता चला कि इस हमले की पूरी योजना विदेश में बैठकर मयंक सिंह ने ही तैयार की थी। वह उस समय सुनील मीणा के नाम से सक्रिय था और झारखंड के गैंगस्टर अमन साव के लिए काम करता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मयंक ने ही शूटरों को हथियार मुहैया कराए और उन्हें निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि इस मामले का मुख्य आरोपी अमन साव मार्च 2025 में झारखंड में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। अब मयंक से पूछताछ के जरिए पुलिस इस गिरोह के छत्तीसगढ़ में फैले नेटवर्क और उनके अगले निशानों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
अजरबैजान में हुई थी गिरफ्तारी: कई राज्यों की पुलिस को थी तलाश
मयंक सिंह के खिलाफ छत्तीसगढ़ और झारखंड सहित कई राज्यों में हत्या, रंगदारी और डकैती जैसे दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से देश के बाहर छिपकर अपना सिंडिकेट चला रहा था। आखिरकार 29 अक्टूबर 2024 को अजरबैजान की सुरक्षा एजेंसियों ने उसे दबोच लिया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे भारत लाया गया और झारखंड पुलिस ने उसे रामगढ़ कोर्ट में पेश किया। रायपुर पुलिस को उम्मीद है कि चार दिन की रिमांड के दौरान मयंक से लॉरेंस बिश्नोई गैंग और स्थानीय अपराधियों के बीच के संबंधों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे होंगे।
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