चाइनीज मांझे पर बड़ी कार्रवाई: मकर संक्रांति से पहले प्रशासन का छापा, दुकानों से जब्त हुआ जानलेवा धागा

रायपुर: मकर संक्रांति का त्योहार पास आते ही रायपुर प्रशासन जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ एक्शन मोड में आ गया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल और नगर निगम की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख पतंग बाजारों में औचक निरीक्षण किया। सदर बाजार, बूढ़ातालाब और गोलबाजार जैसे इलाकों में दुकानों की तलाशी ली गई। इस कार्रवाई के दौरान तीन बड़ी दुकानों से साढ़े चार किलो से अधिक प्रतिबंधित नायलॉन मांझा जब्त किया गया है। अधिकारियों ने सिटी पतंग भंडार और मोती पतंग भंडार समेत अन्य दुकानों पर दबिश दी, जहां भारी मात्रा में अवैध धागा छिपाकर रखा गया था। प्रशासन की इस अचानक हुई घेराबंदी से दुकानदारों में खलबली मच गई।

क्यों खतरनाक है यह ‘खूनी’ धागा: पर्यावरण और इंसानों के लिए बना काल

चाइनीज मांझा असल में सिंथेटिक नायलॉन के धागे से बना होता है, जिस पर कांच और धातु के महीन चूरे की परत चढ़ाई जाती है। यह धागा इतना मजबूत होता है कि आसानी से नहीं टूटता, लेकिन किसी का भी गला या शरीर का अंग काटने के लिए काफी है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क पर चलते-फिरते मौत के जाल जैसा है। इसके अलावा, यह मांझा पक्षियों के लिए भी काल साबित होता है, क्योंकि इसमें उलझने के बाद पक्षी चाहकर भी खुद को आजाद नहीं कर पाते। बिजली के तारों में फंसने पर यह करंट का कारण बनता है और पर्यावरण में कभी नष्ट नहीं होता, जो इसे और भी घातक बनाता है।

पुराने जख्म अब भी ताजा: मासूम की मौत के बाद हाईकोर्ट ने दिखाई थी सख्ती

अदालती हंटर। रायपुर में इस साल जनवरी में एक दर्दनाक हादसा हुआ था, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया था। चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक सात साल के बच्चे का गला कट गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को जमकर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने सवाल किया था कि जब पूरे देश में एनजीटी (NGT) ने 2017 से इस पर पाबंदी लगा रखी है, तो यह बाजारों में बिक कैसे रहा है। कोर्ट के आदेश और जनसुरक्षा को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से ही सतर्क है और जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।

दुकानदारों को अंतिम चेतावनी: दोबारा पकड़े गए तो होगी जेल

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि त्योहार की खुशी किसी की जान से बढ़कर नहीं है। जिन दुकानों से प्रतिबंधित मांझा मिला है, उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई है कि अगली बार पकड़े जाने पर न केवल उनका लाइसेंस रद्द होगा, बल्कि उन पर आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा। नगर निगम की टीम अब लगातार बाजारों पर नजर रखे हुए है। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे केवल पारंपरिक सूती धागे का ही उपयोग करें और कहीं भी चाइनीज मांझे की बिक्री दिखे तो उसकी सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते हादसों को टाला जा सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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