
मतदाता सूची को पूरी तरह सही और बिना गलती वाला बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान के तहत अब उन लोगों की पहचान की जा रही है जिनके पते या जानकारी में गड़बड़ी है। जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक रायपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में कुल 1 लाख 33 हजार 053 ऐसे मतदाता मिले हैं जिन्हें नो-मैपिंग या श्रेणी-सी में रखा गया है। इन सभी लोगों को नोटिस भेजकर अपने जरूरी कागजात जमा करने के लिए कहा गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में कोई भी फर्जी या गलत नाम शामिल न रहे। अगर ये मतदाता तय समय में अपने दस्तावेज नहीं दिखाते हैं तो उनका नाम सूची से काटा भी जा सकता है।
इलाकों का हाल: रायपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों नाम रडार पर
सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो रायपुर ग्रामीण और रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नो-मैपिंग मतदाता मिले हैं। रायपुर ग्रामीण में 39,835 और रायपुर नगर पश्चिम में 46,675 मतदाताओं के नाम इस लिस्ट में हैं। इसी तरह रायपुर नगर उत्तर में 17,416 और रायपुर नगर दक्षिण में 12,495 लोग चिन्हांकित किए गए हैं। ग्रामीण इलाकों की बात करें तो धरसींवा में 8,896, आरंग में 3,531 और अभनपुर में 4,205 मतदाताओं को नोटिस जारी करने की तैयारी है। निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि 30 दिसंबर 2025 तक करीब 3,570 लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं और बाकी लोगों तक भी चरणबद्ध तरीके से सूचना पहुंचाई जा रही है। इन सभी मतदाताओं को अपने स्थानीय निर्वाचन कार्यालय में जाकर अपनी मौजूदगी का प्रमाण देना होगा।
अगले महीने से शुरू होगी सुनवाई: 116 अधिकारियों की टीम करेगी कागजातों की जांच
नोटिस जारी होने के बाद अब प्रशासन सुनवाई की तैयारी में जुट गया है। जिले में 3 जनवरी 2026 से सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी जिसके लिए कुल 116 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी मतदाताओं द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेंगे और संतुष्ट होने पर ही उनका नाम सूची में बरकरार रखा जाएगा। जिला निर्वाचन कार्यालय ने आम जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और दी गई तारीख पर अपने पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र जैसे कागजात लेकर जरूर पहुंचें। इससे मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी और आने वाले चुनावों में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।



