
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आगामी 8 जनवरी को रायपुर स्थित अपने सरकारी निवास पर ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहे हैं। गुरुवार को होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रदेश के अलग-अलग कोनों से आने वाले आम नागरिकों से सीधे मुलाकात करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है ताकि लोग बिना किसी बिचौलिए के अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे सूबे के मुखिया के सामने रख सकें। मुख्यमंत्री साय व्यक्तिगत रूप से आवेदनों का अवलोकन करेंगे और मौके पर मौजूद अधिकारियों को समाधान के लिए जरूरी निर्देश देंगे।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: आवेदनों पर टालमटोल अब नहीं चलेगी
मुख्यमंत्री ने इस जनदर्शन को लेकर प्रशासनिक अमले को पहले ही कड़े तेवर दिखा दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जनदर्शन में मिलने वाले हर आवेदन को पूरी संवेदनशीलता के साथ लिया जाए। साय ने निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों तक सीमित न रहे बल्कि धरातल पर उसका असर दिखना चाहिए। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी पीड़ित को एक ही काम के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। समय सीमा के भीतर समस्याओं को सुलझाना अब विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
व्यवस्थाएं चाक-चौबंद: दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों का रखा जाएगा ख्याल
जनदर्शन के लिए मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चूंकि इस कार्यक्रम में बस्तर से लेकर सरगुजा तक के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं, इसलिए उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। भीषण ठंड को देखते हुए लोगों के बैठने के लिए उचित शेड, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा के साथ-साथ टोकन सिस्टम और आवेदन दर्ज करने के लिए अलग से काउंटर बनाए जा रहे हैं ताकि भारी भीड़ के बावजूद अनुशासन बना रहे और हर व्यक्ति को मुख्यमंत्री से मिलने का पर्याप्त समय मिल सके।



