बिलासपुर में धर्मांतरण का खुलासा: प्रार्थना सभा की आड़ में कर रहा था धर्मांतरण, बीमारी ठीक करने और भोजन का देता था लालच, पुलिस ने पास्टर को किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की गतिविधियों को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है। ताजा मामला बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो प्रार्थना सभा आयोजित करने के नाम पर निर्दोष लोगों को बहला-फुसलाकर उनका धर्म बदलवाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस को इस गतिविधि के बारे में गुप्त सूचना मिली थी जिसके बाद तुरंत एक टीम गठित कर छापेमारी की गई।

डबहापारा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

यह पूरी घटना मल्हार चौकी के अंतर्गत आने वाले डबहापारा की है। पुलिस के मुताबिक 11 जनवरी रविवार को सूचना मिली कि एक मकान में भारी भीड़ जमा है। जब पुलिस की टीम वहां पहुंची तो देखा कि 41 वर्षीय रामकुमार केवट अपने घर की छत पर बने हॉल में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों को बुलाकर सभा कर रहा था। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद लोगों में खलबली मच गई और जांच के दौरान धर्मांतरण की पुष्टि हुई।

चंगाई और मुफ्त भोजन का दिया प्रलोभन

पूछताछ और शुरुआती जांच में यह बात निकलकर आई कि आरोपी रामकुमार लोगों के बीच अंधविश्वास फैला रहा था। वह आसपास के हिंदू परिवारों को यह भरोसा दिला रहा था कि उसकी विशेष प्रार्थना में शामिल होने से पुरानी और लाइलाज बीमारियां अपने आप ठीक हो जाएंगी। इसके अलावा वह सभा में आने वाले लोगों को मुफ्त भोजन और अन्य भौतिक सुख-सुविधाओं का लालच देकर उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहा था।

बीएनएस की नई धारा के तहत मुकदमा दर्ज

धर्मांतरण की आशंका और सबूतों को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सभा को बंद करवा दिया और आरोपी को पकड़कर चौकी ले आई। इस मामले में पूणेन्द्र शर्मा नामक व्यक्ति ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी रामकुमार केवट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस काम में उसे कहीं बाहर से फंड तो नहीं मिल रहा था।

अदालत के आदेश पर आरोपी पास्टर जेल रवाना

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट को पूरी घटना और जब्त किए गए साक्ष्यों के बारे में जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी को किसी भी तरह की राहत न देते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। क्षेत्र में तनाव न फैले इसके लिए पुलिस की टीम लगातार गश्त कर रही है और लोगों से किसी भी बहकावे में न आने की अपील की गई है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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