
गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के उरमाल गांव में आयोजित ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में अश्लीलता का नंगा नाच होने के बाद अब पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। देवभोग पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ओडिशा के जाजपुर जिले से मुख्य डांसर सुचित्रा जेना को गिरफ्तार कर लिया है। सुचित्रा पर आरोप है कि उसने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए मंच पर आपत्तिजनक प्रदर्शन किया था। पुलिस की एक अन्य टीम अभी भी ओडिशा में डेरा डाले हुए है और दूसरी डांसर निशा महाराणा की सरगर्मी से तलाश कर रही है। निशा ने कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया पर एक विवादित वीडियो वायरल कर भारी भीड़ जुटाई थी।
SDM और पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
इस मामले में सबसे ज्यादा किरकिरी तब हुई जब कार्यक्रम के वीडियो में इलाके के तत्कालीन SDM तुलसी दास मरकाम और कुछ पुलिसकर्मी अश्लील डांस के बीच पैसे लुटाते नजर आए। वीडियो वायरल होते ही राज्य सरकार ने सख्त तेवर दिखाए, जिसके बाद गरियाबंद कलेक्टर ने फौरन कार्रवाई करते हुए SDM को उनके पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, पुलिस अधीक्षक ने अनुशासनहीनता के आरोप में प्रधान आरक्षक डिलोचन रावटे और आरक्षक शुभम व जय कंसारी को निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
जांच रिपोर्ट में नियमों की अनदेखी उजागर
अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन SDM ने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक पर रखकर इस आयोजन की अनुमति दी थी। न तो स्थानीय तहसील कार्यालय से कोई राय ली गई और न ही उस जमीन के मालिक से सहमति ली गई जहां यह कार्यक्रम हुआ। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही की वजह से ही मनोरंजन के नाम पर तीन दिनों तक अश्लीलता का खेल चलता रहा। अब यह रिपोर्ट आगे की कड़ी कार्रवाई के लिए कमिश्नर को भेजी जा रही है।
आयोजन समिति के 14 सदस्य सलाखों के पीछे
पुलिस ने केवल डांसर और अधिकारियों पर ही नहीं, बल्कि इस पूरे फूहड़ कार्यक्रम की योजना बनाने वाली उरमाल युवा समिति पर भी कड़ा एक्शन लिया है। अब तक आयोजन समिति के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी पर सामाजिक मर्यादा भंग करने और अश्लीलता फैलाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जय दुर्गा ओपेरा के संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने पहले ही इस कार्यक्रम का विरोध किया था, लेकिन अधिकारियों की शह मिलने के कारण आयोजकों ने उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया था।
सूरजपुर तक पहुंची अश्लीलता की आग
गरियाबंद का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि उत्तर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से भी ऐसा ही एक मामला सामने आ गया। कुमेली रेस्ट हाउस में बार बालाओं के डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सीएफ सरगुजा ने इस मामले में संलिप्तता पाए जाने पर एक डिप्टी रेंजर और एक फॉरेस्ट गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एक के बाद एक सामने आ रही इन घटनाओं ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं और विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं।
कृषि मंत्री के बयान पर भड़का विवाद
इन संवेदनशील घटनाओं के बीच प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के एक बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। जब पत्रकारों ने उनसे रेस्ट हाउस में बार बालाओं के डांस के बारे में पूछा, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेने के बजाय ‘कला’ करार दे दिया। मंत्री ने कहा कि कला का क्षेत्र विस्तृत होता है और अगर रेस्ट हाउस में भी कला जागृत हो रही है तो इसमें क्या बुरा है। उन्होंने इसकी तुलना स्कूलों और सामाजिक कार्यक्रमों के नृत्य से कर दी। मंत्री के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान की काफी आलोचना हो रही है और इसे सरकारी तंत्र की ढिलाई का प्रमाण माना जा रहा है।



