Raipur Commissionerate New Rule: होटल, बार और ढाबा कर्मचारियों का अब अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन, कमिश्नरेट ने बढ़ाई सुरक्षा सख्ती

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए कमर कस ली है। डीसीपी क्राइम एंड साइबर ने होटल, बार, क्लब और ढाबा संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मीटिंग में साफ कर दिया गया है कि अब शहर के किसी भी संस्थान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने सभी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहाँ काम करने वाले हर एक कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराएं ताकि बाहरी और संदिग्ध लोगों की पहचान हो सके।

देर रात पार्टी और नशे पर पुलिस का पहरा

शहर में होने वाली युवा पार्टियों और क्लबों में नशे के बढ़ते चलन को रोकने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। पुलिस ने सूखे नशे पर पूरी तरह पाबंदी लगाने और आयोजनों पर कड़ी नजर रखने को कहा है। किसी भी विशेष इवेंट के लिए आबकारी विभाग से लाइसेंस लेना अब जरूरी होगा। इसके साथ ही संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एंट्री और एग्जिट गेट अलग-अलग रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में भगदड़ जैसे हालात न बनें।

रात 12 बजे तक बंद होंगे सभी संस्थान

ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने सख्त समय सीमा तय की है। रात 10 बजे के बाद डीजे या तेज संगीत बजाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा सभी होटल और रेस्टोरेंट को रात 12 बजे तक अपनी सेवाएं बंद करनी होंगी। पार्किंग एरिया में शराब पीने वालों पर भी पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। सुरक्षा के लिहाज से संचालकों को पार्किंग और बाहरी हिस्सों में पर्याप्त रोशनी और सीसीटीवी कैमरों का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।

उड़ीसा से चल रहे गांजा तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश

रायपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 14 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में दो नाबालिग और महिलाएं भी शामिल हैं जो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। यह गैंग उड़ीसा से ट्रेन के जरिए गांजा लाकर रायपुर के उरला इलाके में किराए के मकान में इकट्ठा करता था। यहाँ से नशे की खेप को दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सप्लाई किया जाता था।

मुकेश बनिया गैंग के शातिर सदस्य गिरफ्तार

इस तस्करी गिरफ्तारी में कुख्यात ‘मुकेश बनिया गैंग’ का हाथ सामने आया है। तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए महिलाओं को परिवार का सदस्य बनाकर साथ रखते थे ताकि किसी को संदेह न हो। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 30 लाख रुपये की कीमत का 60 किलो गांजा बरामद किया है। डीसीपी क्राइम के मुताबिक यह सिंडिकेट काफी समय से सक्रिय था और गैंग के मुख्य सदस्यों की गिरफ्तारी से नशे के कारोबार पर बड़ी चोट पहुंची है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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