
छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति के जरिए होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को बड़ी राहत दी है। शासन ने बड़े शहरों में बार लाइसेंस की सालाना फीस में भारी कटौती करने का फैसला लिया है। अब तक जिन शहरों की आबादी 7 लाख से ज्यादा है वहां लाइसेंस के लिए 24 लाख रुपये चुकाने पड़ते थे लेकिन अब इसे घटाकर 18 लाख रुपये कर दिया गया है। फीस कम होने से पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी और नए निवेशकों के लिए राज्य में व्यापार करना पहले से ज्यादा किफायती हो जाएगा।
रायपुर एयरपोर्ट पर खुलेगा बार: हवाई यात्रियों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा
प्रदेश के इतिहास में पहली बार रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे के भीतर बार संचालित करने की मंजूरी दी गई है। यह कदम छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए उठाया गया है। अब एयरपोर्ट के भीतर स्थित उन रेस्टोरेंट को बार लाइसेंस मिल सकेगा जिनके पास एयरपोर्ट अथॉरिटी का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) होगा। इस सुविधा के शुरू होने से हवाई यात्री सफर के दौरान अपने मनपसंद भोजन के साथ विदेशी मदिरा का आनंद ले सकेंगे जिससे सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
सस्ता नशा बेचने पर पाबंदी: प्रीमियम ब्रांड्स की बिक्री पर रहेगा जोर
नई नीति में केवल फीस ही कम नहीं की गई है बल्कि गुणवत्ता और अनुशासन का भी पूरा ख्याल रखा गया है। प्रीमियम बार्स (FL-3 और FL-4) में ब्रांड वैल्यू बनाए रखने के लिए अब 750 रुपये से कम कीमत वाले ‘क्वार्टर’ की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा अन्य बार संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे 1140 रुपये से कम कीमत वाली बोतलें नहीं बेच सकेंगे। सरकार का उद्देश्य शराब दुकानों जैसी भीड़ को बार से दूर रखना और एक सभ्य माहौल सुनिश्चित करना है।
समय और सुरक्षा के सख्त नियम: रात 11 बजे तक ही मिलेगी सर्विस
लाइसेंस फीस कम होने और एयरपोर्ट पर नई सुविधा मिलने के बावजूद बार संचालन के समय में कोई ढील नहीं दी गई है। प्रदेश के सभी बार पहले की तरह सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक ही खुल सकेंगे। सरकार ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा और अनुशासन से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। खासकर एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर बार संचालन के लिए सख्त मानक तय किए गए हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा और मर्यादा बनी रहे।
1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें: रिन्यूअल के लिए भी मिलेगा फायदा
आबकारी विभाग के ये नए नियम और घटी हुई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगी। इसका मतलब है कि जो कारोबारी अपने पुराने बार लाइसेंस का नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराना चाहते हैं उन्हें भी अब कम फीस देनी होगी। वहीं नए सिरे से आवेदन करने वाले लोगों के लिए भी आवेदन प्रक्रिया और बैंक गारंटी के नियमों को पहले के मुकाबले सरल बनाया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस लचीलेपन से अवैध शराब की बिक्री पर लगाम लगेगी और लोग कानूनी रूप से संचालित बार की ओर आकर्षित होंगे।
पर्यटन और नाइटलाइफ को मिलेगा बढ़ावा: राजस्व बढ़ाने की नई रणनीति
छत्तीसगढ़ शासन के इस फैसले को राज्य की अर्थव्यवस्था और नाइटलाइफ को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लाइसेंस फीस कम होने से मध्यम दर्जे के होटल और रेस्टोरेंट भी अब बार की सुविधा दे पाएंगे जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही बैंक गारंटी में की गई कटौती से छोटे उद्यमियों पर आर्थिक बोझ कम होगा। सरकार की इस नई रणनीति से न केवल पर्यटन क्षेत्र में रौनक लौटेगी बल्कि राज्य के खजाने में भी इजाफा होने की उम्मीद है।



