
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन आज सदन की कार्यवाही काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। सरकार आज तीन प्रमुख विभागों की वार्षिक रिपोर्ट सदन के पटल पर रखेगी। इसमें राज्य विद्युत नियामक आयोग, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और गौसेवा आयोग की विस्तृत रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्टों के जरिए प्रदेश में बिजली की दरों, ग्रामीण रोजगार की स्थिति और गौवंश संरक्षण के लिए किए गए कार्यों का लेखा-जोखा सामने आएगा। प्रशासनिक पारदर्शिता की दृष्टि से इन दस्तावेजों को बेहद खास माना जा रहा है।
तीन मंत्रियों की अग्निपरीक्षा: विधायकों के तीखे सवालों का सामना
प्रश्नकाल के दौरान आज कैबिनेट के तीन मंत्री रामविचार नेताम, ओपी चौधरी और राजेश अग्रवाल विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों का जवाब देंगे। वरिष्ठ विधायक पुन्नूलाल मोहले कृषि विकास, किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग को लेकर रामविचार नेताम से जानकारी मांगेंगे। वहीं, विधायक अजय चंद्राकर संस्कृति विभाग से जुड़े मुद्दों पर मंत्री राजेश अग्रवाल को घेरने की तैयारी में हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी अपने विभागों से संबंधित वित्तीय और प्रशासनिक स्पष्टीकरण पेश करेंगे। माना जा रहा है कि खेती-किसानी और सांस्कृतिक आयोजनों में खर्च को लेकर सदन में तीखी बहस हो सकती है।
बजट 2026-27 पर सामान्य चर्चा और ध्यानाकर्षण
सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए आय-व्यय (बजट) पर सदस्यों के बीच सामान्य चर्चा जारी रहेगी। पक्ष और विपक्ष के विधायक बजट के प्रावधानों पर अपनी राय रखेंगे। इसके अलावा, लोक महत्व के दो अलग-अलग विषयों पर ध्यानाकर्षण सूचनाओं के जरिए सरकार का ध्यान खींचा जाएगा। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष जहां बजट को प्रदेश के विकास का ‘संकल्प’ बता रहा है, वहीं विपक्ष इसमें कमियां ढूंढने की कोशिश करेगा। आज सदन में दो अशासकीय संकल्प भी पेश किए जाने की संभावना है, जो स्थानीय जनसमस्याओं पर केंद्रित हो सकते हैं।
विपक्ष की घेराबंदी और सदन में बढ़ता सियासी तापमान
बजट सत्र के पिछले दिनों की तरह आज भी सदन में भारी हंगामे के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष ने कानून व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और हालिया प्रशासनिक निर्णयों को लेकर सरकार की घेराबंदी करने की पूरी रणनीति बना ली है। प्रश्नकाल के दौरान मंत्रियों के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी सदस्य गर्भगृह तक पहुंच सकते हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सियासी गलियारों में सुगबुगाहट है कि आज लोकहित के मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिलेगी।



