
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां देवनगर बीट में तैनात फॉरेस्ट गार्ड बुधराम पैकरा अपनी महिला मित्र के साथ नर्सरी में बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें देख लिया और घेर लिया। युवकों ने न केवल वन रक्षक के साथ बदसलूकी की, बल्कि वर्दी में होने के बावजूद उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया।
मोबाइल पर गाना बजाकर करवाया डांस
हैरानी की बात यह है कि मारपीट से पहले हमलावर युवकों ने फॉरेस्ट गार्ड का मजाक उड़ाया। उन्होंने अपने मोबाइल पर गाना बजाया और बुधराम को उस पर नाचने के लिए मजबूर किया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि फॉरेस्ट गार्ड डरा हुआ है और युवकों के कहने पर डांस कर रहा है। जब वह ठीक से कदम नहीं मिला पा रहा था, तो युवक उसे डांट रहे थे और और जोर से नाचने का दबाव बना रहे थे।
प्रेमिका के सामने ही बेल्ट और डंडों से हमला
डांस कराने के बाद भी युवकों का मन नहीं भरा। उन्होंने वन रक्षक की प्रेमिका के सामने ही उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। हमलावरों ने बेल्ट और डंडों का इस्तेमाल किया। इस दौरान फॉरेस्ट गार्ड वर्दी में ही थे और रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन युवकों ने एक नहीं सुनी। पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया ताकि उसे सोशल मीडिया पर फैलाकर अपमानित किया जा सके।
‘राजू भैया’ कहकर गुहार लगाता रहा फॉरेस्ट गार्ड
मारपीट के दौरान पीड़ित फॉरेस्ट गार्ड ने हमलावरों में से एक युवक को पहचान लिया। वीडियो में वह लगातार ‘राजू भैया’ कहकर उसे बचाने की मिन्नतें करता सुनाई दे रहा है। हालांकि, पहचान होने के बावजूद हमलावरों ने कोई नरमी नहीं दिखाई। पिटाई के बाद युवकों ने युवती को उसके घर भेज दिया और फॉरेस्ट गार्ड को वहां से भगा दिया।
युवती के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं हमलावर
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मारपीट करने वाले युवक उसी क्षेत्र के रहने वाले हैं और युवती के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। युवकों ने न केवल शारीरिक चोट पहुंचाई, बल्कि फॉरेस्ट गार्ड को नौकरी छोड़ने की धमकी भी दी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद से इलाके में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है और लोग हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस विभाग ने शिकायत मिलने पर दी कार्रवाई की बात
इस पूरे मामले पर सूरजपुर के एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर का कहना है कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। हालांकि, अभी तक पीड़ित फॉरेस्ट गार्ड की ओर से थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही पीड़ित या कोई अन्य व्यक्ति इस मामले में एफआईआर दर्ज कराता है, कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
DFO ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
पुलिस की कार्रवाई से पहले वन विभाग ने अपने कर्मचारी पर सख्ती दिखाई है। डीएफओ डीपी साहू ने फॉरेस्ट गार्ड बुधराम पैकरा को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। विभाग का कहना है कि वर्दी में इस तरह की घटना होना और उसकी जानकारी कार्यालय को न देना अनुशासनहीनता है। इस घटना से विभाग की छवि खराब हुई है, जिसके लिए स्पष्टीकरण देना अनिवार्य है।
विभाग और प्रशासन की छवि पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और उनकी व्यक्तिगत मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरेआम एक सरकारी कर्मचारी को वर्दी में नचाना और पीटना अपराधियों के हौसले बुलंद होने का संकेत है। अब देखना होगा कि वन विभाग और पुलिस प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं ताकि भविष्य में इस तरह की शर्मनाक घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।



