मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का शंखनाद: अमेरिका-इजरायल का ईरान पर भीषण हमला, जवाबी कार्रवाई में दहला अमेरिकी एयरबेस

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। इस भीषण सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक दिया है। ईरान ने भी खामोश रहने के बजाय पलटवार किया है, जिससे दुनिया पर तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। रणनीतिक ठिकानों पर हुई इस बमबारी ने वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है।

ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर अमेरिका-इजरायल की एयरस्ट्राइक

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद से ही क्षेत्र में तनाव चरम पर था, जो अब एक पूर्ण युद्ध में तब्दील हो गया है। अमेरिका और इजरायल की वायुसेनाओं ने एक बड़ा साझा ऑपरेशन चलाते हुए ईरान के भीतर कई महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की जवाबी क्षमता को ध्वस्त करना था। इस सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान के कई हिस्सों से धुएं के गुबार और तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

पलटवार: बहरीन स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमला

ईरान ने अमेरिका के इस वार का जवाब देने में देर नहीं लगाई। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार सुबह बहरीन के शेख ईसा इलाके में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर धावा बोल दिया। इस हमले में बड़ी तादाद में ड्रोन्स और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। IRGC का दावा है कि इस जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा है। यह हमला सीधे तौर पर अमेरिका को यह संदेश है कि ईरान किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

लेबनान तक फैली जंग की आग, हिजबुल्लाह का प्रवेश

ईरान और इजरायल की यह सीधी जंग अब लेबनान की सीमाओं को भी लांघ चुकी है। ईरान समर्थित ताकतवर उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह भी अपने नेता खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए इस लड़ाई में कूद पड़ा है। हिजबुल्लाह ने इजरायल के भीतर कई सिलसिलेवार धमाके किए हैं, जिससे वहां दहशत का माहौल है। इसके जवाब में इजरायली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दहियाह इलाके पर भीषण बमबारी की है, जो हिजबुल्लाह का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है।

बेरूत में तबाही का मंजर और शरणार्थी संकट

इजरायल की ओर से बेरूत के दहियाह इलाके में की गई बमबारी ने आम जनजीवन को तहस-नहस कर दिया है। चारों तरफ मलबे के ढेर और चीख-पुकार सुनाई दे रही है। इस हमले में हजारों लोग बेघर हो गए हैं और लेबनान में एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है। लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भाग रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने बेरूत की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और इसे तत्काल रोकने की अपील की है।

सत्ता का शून्य और बारूद के ढेर पर बैठा मिडिल ईस्ट

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अयातुल्ला खामेनेई के बाद ईरान में पैदा हुए ‘पावर वैक्यूम’ (सत्ता के शून्य) और अमेरिका-इजरायल की आक्रामक नीतियों ने स्थिति को विस्फोटक बना दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि उसकी संप्रभुता पर हुए किसी भी प्रहार का जवाब दोगुने वेग से दिया जाएगा। वहीं, वाशिंगटन का तर्क है कि यह कार्रवाई उसके सहयोगियों के बचाव और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए की गई है। फिलहाल पूरा मिडिल ईस्ट बारूद के ढेर पर बैठा नजर आ रहा है।

ग्लोबल मार्केट में हड़कंप, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

इस सैन्य टकराव का असर केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। युद्ध छिड़ने की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में 5% से 8% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगर यह तनाव लंबा खिंचता है, तो दुनिया भर में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत समेत कई विकासशील देशों की महंगाई दर पर पड़ेगा।

विश्व युद्ध की आहट? शांति की अपीलें नाकाम

दुनिया भर के नेता और राजनयिक इस टकराव को रोकने की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन फिलहाल शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। रूस और चीन जैसे देशों ने इस हमले की निंदा की है, जबकि पश्चिमी देशों ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। मौजूदा हालात को देखते हुए कूटनीतिज्ञ इसे ‘तीसरे विश्व युद्ध’ की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं। अब सबकी नजरें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक पर टिकी हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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