
राजनांदगांव जिले के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल डोंगरगढ़ में चैत्र नवरात्रि मेले का आगाज 19 मार्च से होने जा रहा है। माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में पदयात्रियों की सुविधा, कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचागत तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह है कि मेले के दौरान आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
रोपवे की सुरक्षा और तकनीकी फिटनेस पर विशेष जोर
ऊपर पहाड़ी पर स्थित माँ बम्लेश्वरी के मंदिर तक जाने के लिए रोपवे (Ropeway) श्रद्धालुओं का मुख्य साधन होता है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने रोपवे की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए मंदिर ट्रस्ट से तकनीकी फिटनेस सर्टिफिकेट और नियमित मेंटेनेंस की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तकनीकी जांच में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी संभावित तकनीकी खराबी या आपात स्थिति से निपटने के लिए मेले में ‘क्विक रिस्पांस टीमें’ (QRT) चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी, जो तत्काल रेस्क्यू और सहायता प्रदान करने में सक्षम होंगी।
24 घंटे चिकित्सा सेवा और स्वास्थ्य सुविधाओं का जाल
लाखों की भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि मेला क्षेत्र और पदयात्रा मार्ग पर विशेष चिकित्सा शिविर लगाए जाएं। इन शिविरों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, ओआरएस (ORS) के घोल और आपातकालीन स्ट्रेचर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस सेवाओं को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है। साथ ही, पेयजल की शुद्धता और सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि संक्रमण और बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।
आधुनिक कंट्रोल रूम और भारी पुलिस बल से होगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि डोंगरगढ़ मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर में भारी पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए एक अत्याधुनिक ‘सेंट्रल कंट्रोल रूम’ स्थापित किया जाएगा, जहाँ सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़ की सतत निगरानी की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी असामाजिक तत्व को व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यातायात प्रबंधन और पदयात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग
मेले के दौरान सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात विभाग ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) की पहचान कर वहाँ रेडियम संकेतक, रिफ्लेक्टर और अस्थाई गति अवरोधक लगाए जा रहे हैं। पदयात्रियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाने और वाहनों की पार्किंग के लिए अलग से व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए हैं कि रात के समय पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की दृश्यता बढ़ाने के लिए लाइट और रेडियम जैकेट जैसी सुविधाओं को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि भारी वाहनों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके।



