रायपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय का नया ठिकाना: अब इस बंगले से संचालित होगी राजधानी की सुरक्षा कमान

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली (पुलिस कमिश्नरेट) लागू होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव किया गया है। रायपुर पुलिस कमिश्नर का कार्यालय अब अपने पुराने पते से बदलकर नए स्थान पर स्थानांतरित हो गया है। गुरुवार, 5 मार्च से कमिश्नरेट का पूरा कामकाज अब शहर के वीआईपी क्षेत्र स्थित सी-3 बंगले से संचालित होगा। इससे पहले यह कार्यालय पुराने राजस्व आयुक्त कार्यालय भवन में अस्थाई रूप से चल रहा था। नए कार्यालय में शिफ्ट होने से पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण और संसाधनों के साथ समन्वय स्थापित करने में आसानी होगी।

गृहमंत्री के पुराने निवास से शुरू होगा नया पुलिस मुख्यालय

कमिश्नर कार्यालय के लिए चुना गया सी-3 बंगला पहले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का शासकीय निवास हुआ करता था। गृहमंत्री के नवा रायपुर स्थित नए आधिकारिक निवास में शिफ्ट होने के बाद यह भवन रिक्त हो गया था। भवन की भव्यता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखते हुए शासन ने इसे पुलिस कमिश्नर कार्यालय के रूप में उपयोग करने का निर्णय लिया। आज से रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले इसी नए परिसर से शहर की कानून व्यवस्था की कमान संभालेंगे।

डॉ. संजीव शुक्ला: रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर का सफर

राजधानी रायपुर में 23 जनवरी 2026 से ऐतिहासिक पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की गई है, जिसके प्रथम प्रमुख के रूप में 2004 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला को नियुक्त किया गया है। डॉ. शुक्ला का रायपुर से गहरा नाता है; उन्होंने यहीं से अपनी शिक्षा पूरी की और पूर्व में रायपुर एसएसपी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सीआईडी के प्रमुख अधिकारी रह चुके डॉ. शुक्ला को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए साल 2010 और 2022 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके अनुभव का लाभ अब नए सेटअप के माध्यम से राजधानी की जनता को मिलेगा।

पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली से सुरक्षा और जांच में आएगी तेजी

रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होने का मुख्य उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाना है। इस प्रणाली के तहत पुलिस कमिश्नर के पास अब मजिस्ट्रेट स्तर की कुछ शक्तियां भी निहित हैं, जिससे प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों और लाइसेंसिंग संबंधी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी। नए कार्यालय से कामकाज शुरू होने के साथ ही पुलिस विभाग अब तकनीक और त्वरित रिस्पांस पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है। राजधानी के नागरिकों को उम्मीद है कि नए पते और नए सिस्टम के साथ रायपुर पुलिस और भी अधिक मुस्तैद और जन-हितैषी बनकर उभरेगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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