
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली एक खबर सामने आई है। यहाँ बच्चों के निवाले पर डाका डालने का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। एक सरकारी स्कूल के प्रधान पाठक पर आरोप है कि वे स्कूल के बच्चों के लिए आने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) का चावल अपनी निजी कार में चोरी-छिपे भरकर ले जा रहे थे। ग्रामीणों की सतर्कता से यह मामला पकड़ा गया और अब शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
स्कूल परिसर से कार में लोड हुआ सरकारी चावल
यह पूरा मामला सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम रामपुर का है। जानकारी के अनुसार रामपुर स्थित माध्यमिक शाला में तैनात प्रधान पाठक पर ग्रामीणों ने चावल चोरी का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि 3 मार्च की शाम करीब सवा छह बजे स्कूल परिसर के भीतर एक कार खड़ी थी। ग्रामीणों को शक हुआ कि स्कूल के समय के बाद वहां क्या गतिविधि हो रही है। जब उन्होंने करीब जाकर देखा तो कार की डिक्की में चावल की बोरियां लोड की जा रही थीं।
ग्रामीणों ने पीछा कर बीच रास्ते में घेरा
जैसे ही प्रधान पाठक अपनी कार लेकर स्कूल से निकले ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पहले तो उन्होंने गाड़ी नहीं रोकी लेकिन सरपंच प्रतिनिधि और स्थानीय युवाओं ने हिम्मत दिखाते हुए कार का पीछा किया और गांव में ही कुछ दूरी पर उन्हें घेर लिया। ग्रामीणों की भीड़ जुटते ही वहां गहमागहमी का माहौल बन गया। शुरू में टालमटोल करने के बाद जब दबाव बढ़ा तो कार की तलाशी ली गई।
डिक्की खुलते ही सामने आई ‘सफेद चोरी’ की हकीकत
जब ग्रामीणों ने कार की डिक्की खुलवाई तो वहां का नजारा देखकर सब दंग रह गए। डिक्की के भीतर मध्याह्न भोजन के चावल की दो बोरियां रखी हुई थीं। मौके पर मौजूद लोगों ने जब प्रधान पाठक से इस बारे में सवाल किया कि वे सरकारी चावल निजी वाहन में भरकर कहां ले जा रहे हैं तो उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं था। वे इधर-उधर की बातें करने लगे जिससे ग्रामीणों का शक यकीन में बदल गया।
राशन दुकान के रिकॉर्ड से खुला बड़ा राज
ग्रामीणों ने इस मामले की तह तक जाने के लिए तुरंत सरकारी उचित मूल्य दुकान के विक्रेता से संपर्क किया। पूछताछ में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। विक्रेता ने बताया कि उसी दिन स्कूल के लिए कुल चार बोरी चावल का उठाव किया गया था। इसमें से दो बोरियां स्कूल पहुंचने के बजाय सीधे हेडमास्टर की कार की डिक्की में पहुंच गईं। इस खुलासे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
पुलिस और शिक्षा विभाग तक पहुंचा मामला
घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत ओड़गी थाना पुलिस और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को मामले की लिखित सूचना दी। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब बच्चों के हक का राशन इस तरह चोरी करना अपराध है और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और कार में मिले चावल को साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है।
जांच के बाद होगी कड़ी विभागीय कार्रवाई
इस पूरे मामले पर ओड़गी के विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें ग्रामीणों की ओर से लिखित शिकायत मिली है। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती जांच में यह सीधे तौर पर चोरी का मामला लग रहा है। फिलहाल पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है और विभाग भी अपने स्तर पर जांच बैठा रहा है। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही संबंधित शिक्षक के खिलाफ निलंबन और अन्य कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।



