
छत्तीसगढ़ में अपनी खोई हुई सियासी जमीन वापस पाने के लिए कांग्रेस ने संगठन के निचले स्तर पर बड़ी सर्जरी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य के सभी जिलों में बूथ, पंचायत और वार्ड कमेटियों के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए पार्टी ने अनुभवी और दिग्गज नेताओं को जिला प्रभारियों की जिम्मेदारी सौंपी है। इस नई जमावट का मुख्य मकसद जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और स्थानीय मुद्दों को सीधे जनता के बीच ले जाना है। पीसीसी की ओर से जारी इस सूची में पूर्व विधायकों और संगठन के माहिर चेहरों को प्राथमिकता दी गई है।

रायपुर से बिलासपुर तक दिग्गजों को कमान
पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, रायपुर शहर जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पूर्व विधायक अरुण वोरा को दी गई है। वहीं, राजधानी के ग्रामीण इलाकों में संगठन को धार देने का जिम्मा शैलेश नितिन त्रिवेदी को सौंपा गया है। बिलासपुर शहर की जिम्मेदारी सुबोध हरितवाल को मिली है, जबकि बलौदा बाजार जिले के लिए कन्हैया अग्रवाल को प्रभारी नियुक्त किया गया है। ये प्रभारी अब जिला अध्यक्षों के साथ मिलकर हर वार्ड और पंचायत में मजबूत कमेटियां बनाएंगे। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि इस नई टीम के जरिए कांग्रेस गांव-गांव तक अपना नेटवर्क दोबारा खड़ा करने में सफल रहेगी।





