दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम की बड़ी खेती: 5 एकड़ में लहलहा रही थी फसल, पुलिस और राजस्व की टीम पहुंची मौके पर

छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। दुर्ग जिले के समोदा में हुई बड़ी कार्रवाई के बाद अब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अफीम की फसल बरामद की गई है। त्रिपुरी इलाके के पाट क्षेत्र में करीब 5 एकड़ जमीन पर यह खेती की जा रही थी। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। एक पखवाड़े के भीतर राज्य में अफीम की खेती का यह दूसरा बड़ा मामला है, जिससे पूरे प्रदेश के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

पहुंचविहीन पाट क्षेत्र में साजिश: चार पहिया वाहनों का जाना भी मुश्किल

नशे के सौदागरों ने अफीम उगाने के लिए बेहद शातिर तरीके से ऐसी जगह का चुनाव किया था जहां आम लोगों और पुलिस की नजर आसानी से न पड़े। त्रिपुरी का यह इलाका पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित है। बताया जा रहा है कि जिस जगह पर खेती मिली है, वहां चार पहिया वाहन से पहुंचना लगभग नामुमकिन है। ग्रामीणों की गुप्त सूचना के बाद पुलिस की टीम को पैदल ही मौके तक पहुंचना पड़ा। शुरुआती जांच के मुताबिक, यहां लंबे समय से अफीम उगाई जा रही थी और फसल कटने के लिए लगभग तैयार हो चुकी थी।

आरोपियों की तलाश तेज: रडार पर कई स्थानीय संदेही

बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने अफीम की खेती बरामद होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पाट क्षेत्र के इस दुर्गम इलाके में पुलिस और रेवेन्यू अमला जमीन के क्षेत्रफल और खसरा रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रहा है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस अवैध कारोबार के तार अंतरराज्यीय नशा तस्करों से जुड़े हो सकते हैं क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में खेती बिना किसी बड़े नेटवर्क के संभव नहीं है।

दुर्ग के समोदा कांड जैसा पैटर्न: क्या कोई बड़ा गिरोह है सक्रिय?

छत्तीसगढ़ में लगातार अफीम की खेती मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। दुर्ग के समोदा में हुई कार्रवाई के ठीक बाद बलरामपुर में इतनी बड़ी फसल का मिलना किसी बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन दोनों मामलों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ है। फिलहाल पुलिस अफीम के डोडों और पौधों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने वाली है ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके। राजस्व विभाग यह जांच रहा है कि यह सरकारी जमीन है या किसी निजी व्यक्ति की।

शाम तक होगा बड़ा खुलासा: एसपी ने दी विस्तृत जानकारी की उम्मीद

बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर के मुताबिक, टीम अभी मौके पर ही तैनात है और कार्रवाई की कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पुलिस देर शाम तक इस पूरे मामले में आधिकारिक तौर पर प्रेस नोट जारी कर बरामद अफीम की कीमत और पकड़े गए संदिग्धों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करेगी। इस घटना के बाद कुसमी और आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग और पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है ताकि जंगलों के किनारे हो रहे ऐसे अवैध धंधों पर लगाम लगाई जा सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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