
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के तनाव ने अब भारतीय रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण देश में घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 114 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कीमतों में इस अचानक उछाल के बाद आम जनता के बीच किल्लत को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी थीं। इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मोर्चा संभालते हुए प्रदेशवासियों को राहत दी है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।
स्टॉक की कोई कमी नहीं: अफवाहों पर न दें ध्यान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया के जरिए जनता को आश्वस्त किया है कि छत्तीसगढ़ में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आपूर्ति बाधित होने की गलत खबरें फैला रहे हैं, जबकि हकीकत में सप्लाई पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भावुक होकर जरूरत से ज्यादा बुकिंग (पैनिक बुकिंग) न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग केवल अपनी आवश्यकता के अनुसार ही सिलेंडर बुक करें ताकि वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे और किसी भी घर में चूल्हा न बुझे।
अफसरों को सख्त निर्देश: कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्रवाई
गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का फायदा उठाकर कुछ मुनाफाखोर अवैध भंडारण और कालाबाजारी की कोशिश कर सकते हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हर जिले में स्टॉक की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में कोई परेशानी न हो। अगर कहीं भी निर्धारित दर से अधिक वसूली या गैस की जमाखोरी की शिकायत मिलती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की प्राथमिकता: हर घर तक पहुंचे नियमित आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण कीमतों में बदलाव एक अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया है, लेकिन राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को इसका कम से कम नुकसान हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन की टीम गैस एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि वितरण नेटवर्क में कोई बाधा न आए। सरकार के इस स्पष्ट संदेश के बाद बाजारों और गैस एजेंसियों पर उमड़ रही भीड़ में कमी आने की उम्मीद है। शासन की ओर से यह भी कहा गया है कि आपूर्ति को लेकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बैकअप प्लान तैयार है।
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