
छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन’ के दावों के बीच अपराध के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के भीतर आपराधिक घटनाओं में भारी बढ़ोतरी हुई है। राज्य में औसतन हर महीने 85 लोगों की हत्या हो रही है और 291 अपहरण के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इन आंकड़ों ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अपराध के मामले में राजधानी रायपुर पूरे प्रदेश में पहले पायदान पर है, वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गृह जिला जशपुर भी टॉप टेन की सूची में शामिल है।
हत्या, लूट और किडनैपिंग के डरावने आंकड़े: दो साल में 6993 अपहरण
राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों के दौरान प्रदेश में कुल 2032 हत्या की वारदातें हुई हैं। लूटपाट की घटनाओं का आंकड़ा 802 तक पहुंच गया है, जबकि किडनैपिंग या अपहरण के मामलों ने सबको हैरान कर दिया है। इस अवधि में कुल 6993 अपहरण के केस दर्ज किए गए हैं। यदि इनका मासिक औसत निकाला जाए, तो पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में अपराधी बेखौफ हैं और हर दिन लगभग 3 हत्याएं और 10 अपहरण की घटनाएं हो रही हैं।
रायपुर में सबसे बुरा हाल: हर महीने हो रहे 45 अपहरण
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर अब अपराध का गढ़ बनती जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते दो साल में अकेले रायपुर में हत्या के 170, लूटपाट के 143 और अपहरण के रिकॉर्ड 1079 मामले दर्ज हुए हैं। राजधानी का औसत देखें तो यहां हर महीने 7 हत्याएं और 45 अपहरण की घटनाएं पुलिस की फाइलों में दर्ज हो रही हैं। रायपुर के बाद बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा जैसे बड़े जिले भी अपराध की सूची में शीर्ष पर हैं। औद्योगिक और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बढ़ती वारदातों ने आम नागरिक की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
अपराध के टॉप-10 जिले: सीएम का गृह जिला भी सुरक्षित नहीं
प्रदेश के 33 जिलों में से जो 10 जिले अपराध के मामले में सबसे आगे हैं, उनमें रायपुर पहले नंबर पर है। इसके बाद क्रमशः बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बलौदा बाजार, रायगढ़, सरगुजा और महासमुंद का नाम आता है। इस सूची में दसवें स्थान पर मुख्यमंत्री का गृह जिला जशपुर है, जो यह दर्शाता है कि सत्ता के केंद्र से जुड़े इलाकों में भी बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। इन जिलों में लगातार हो रही वारदातों ने पुलिस प्रशासन की गश्त और खुफिया तंत्र की विफलता को उजागर किया है।
भूपेश बघेल का तीखा हमला: “गृहमंत्री अपना जिला नहीं संभाल पा रहे”
कानून व्यवस्था के गिरते स्तर को लेकर विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़े शब्दों में गृहमंत्री विजय शर्मा की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री से उनका अपना जिला कवर्धा तक नहीं संभल रहा है, तो वे पूरे प्रदेश की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेंगे। बघेल ने नैतिकता के आधार पर गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि वे जिम्मेदारी नहीं संभाल पा रहे हैं, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। विपक्ष के इन हमलों और बढ़ते आंकड़ों ने सरकार को बचाव की मुद्रा में ला दिया है।
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