
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली बिल बकायादारों के खिलाफ अब तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। धमतरी जिले में बिजली विभाग ने पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए स्मार्ट मीटर के जरिए ऑनलाइन कार्रवाई तेज कर दी है। अब बिजली काटने के लिए लाइनमैन को आपके घर के चक्कर काटने या खंभे पर चढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विभाग सीधे दफ्तर में बैठकर एक क्लिक से आपका कनेक्शन काट रहा है। हाल ही में हुई कार्रवाई में जिले के 686 घरों की बिजली ऑनलाइन काट दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है।
स्मार्ट तकनीक से ऑनलाइन कार्रवाई: अब नोटिस का इंतजार नहीं
पहले की व्यवस्था में जब किसी उपभोक्ता का बिल 5000 रुपये से अधिक हो जाता था, तो विभाग उसे नोटिस भेजता था और फिर कर्मचारी मौके पर जाकर तार काटते थे। लेकिन अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। विभाग के सर्वर से मीटर सीधे जुड़े हुए हैं। जैसे ही निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं होता, इंटरनेट कनेक्टिविटी के जरिए ‘पुशअप बटन’ दबाकर बिजली बंद कर दी जाती है। धमतरी संभाग में करीब 2 लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 1.80 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है।
धमतरी में 686 घरों की बत्ती गुल: वसूली के लिए सख्त हुआ विभाग
विद्युत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी महीने में 5000 रुपये से अधिक बकाया वाले 869 उपभोक्ताओं की पहचान की गई थी। इन उपभोक्ताओं से विभाग को कुल 86 लाख रुपये वसूलने थे। सूचना देने के बाद भी जब बिल जमा नहीं किया गया, तो विभाग ने स्मार्ट मीटर तकनीक का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई के तहत 686 घरों के कनेक्शन ऑनलाइन काट दिए गए। इसके बाद विभाग 62 लाख रुपये की वसूली करने में सफल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्री-पेड सिस्टम का ट्रायल शुरू: मोबाइल की तरह रिचार्ज होगी बिजली
बिजली विभाग अब एक कदम और आगे बढ़ते हुए प्री-पेड स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू करने की तैयारी में है। सीएसईबी (CSEB) के कार्यपालन अभियंता अनिल कुमार सोनी ने बताया कि इस नई प्रणाली का ट्रायल चल रहा है। इसमें उपभोक्ताओं को मोबाइल की तरह ही पहले रिचार्ज कराना होगा, तभी घर में बिजली जल पाएगी। बैलेंस खत्म होते ही सप्लाई अपने आप बंद हो जाएगी। वर्तमान में उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप के जरिए बिल भेजने की सुविधा भी दी जा रही है ताकि उन्हें समय पर जानकारी मिल सके और वे ऑनलाइन भुगतान कर सकें।
1470 बकायादारों की लिस्ट तैयार: सर्वर से जुड़ी है पल-पल की निगरानी
विभाग ने उन उपभोक्ताओं की नई सूची तैयार की है जिनका बिल बकाया है। इसमें 5000 रुपये से कम और ज्यादा, दोनों तरह के 1470 उपभोक्ता शामिल हैं। अब तक 582 घरों के कनेक्शन सीधे विभाग के कंट्रोल रूम से काटे जा चुके हैं। उपभोक्ता का बीपी (BP) नंबर और मोबाइल नंबर विभाग के पास सुरक्षित है, जिससे निगरानी करना आसान हो गया है। विभाग की इस सख्ती का उद्देश्य बकाया राशि की शत-प्रतिशत वसूली करना और बिजली चोरी या लापरवाही पर लगाम लगाना है।
घर बैठे मिल रही बिल की जानकारी: व्हाट्सएप पर आएगा हिसाब
तकनीकी बदलाव के साथ विभाग ने सेवाओं को भी आसान बनाया है। अब मीटर रीडिंग के लिए कर्मियों का इंतजार नहीं करना पड़ता। उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से बिजली बिल भेजा जा रहा है। हालांकि, विभाग ने अभी भी ‘घर पहुंच सेवा’ को बंद नहीं किया है ताकि उन लोगों को परेशानी न हो जो तकनीक से कम वाकिफ हैं। अधिकारियों ने अपील की है कि उपभोक्ता समय पर बिल का भुगतान करें ताकि उन्हें बिना बिजली के रहने की नौबत न आए।
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