
छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ का आधिकारिक आगाज करने जा रहे हैं। लंबे समय से बिल जमा न कर पाने के कारण आर्थिक बोझ तले दबे परिवारों और किसानों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। रायपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेई सभागार में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम के जरिए सरकार का लक्ष्य उन लोगों को राहत देना है, जिनके कनेक्शन काट दिए गए हैं या जो भारी-भरकम जुर्माने के कारण बिल नहीं भर पा रहे हैं।
अधिभार से मुक्ति और मूल धन में भारी रियायत: जानें किसे कितना होगा फायदा
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार ने बकाया बिलों पर लगने वाले अधिभार (Surcharge) को पूरी तरह यानी 100 प्रतिशत माफ करने का फैसला किया है। इतना ही नहीं, कुछ विशेष मामलों में तो मूल बकाया राशि में भी 75 प्रतिशत तक की भारी छूट दी जाएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुताबिक, यह योजना मुख्य रूप से निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों के साथ-साथ अन्नदाता किसानों पर केंद्रित है। सरकार की मंशा है कि एकमुश्त राहत देकर पुराने लंबित मामलों को खत्म किया जाए और उपभोक्ताओं को फिर से मुख्य बिजली नेटवर्क से जोड़ा जाए।
तीन श्रेणियों में बंटा लाभ: कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं पर विशेष फोकस
योजना का लाभ उठाने के लिए बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं को तीन प्रमुख वर्गों में विभाजित किया है। पहली श्रेणी में वे लोग हैं जिनके कनेक्शन 31 मार्च 2023 तक स्थायी रूप से कट चुके हैं। दूसरी श्रेणी में उन गरीब परिवारों को रखा गया है जिनके पास ‘एकल बत्ती’ कनेक्शन है। वहीं तीसरी श्रेणी में सक्रिय घरेलू ग्राहक और कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। पावर कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कमर ने स्पष्ट किया है कि इस वर्गीकरण का उद्देश्य समाज के हर तबके को उसकी जरूरत के हिसाब से राहत पहुंचाना है ताकि राज्य की बिजली व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाया जा सके।
किस्तों में भुगतान की सुविधा: महज 10% जमा कर कराएं रजिस्ट्रेशन
योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। पात्र उपभोक्ताओं को सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पंजीकरण के वक्त उन्हें कुल बकाया राशि का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा जमा करना होगा। इसके बाद, शेष राशि को उपभोक्ता आसान किस्तों में चुका सकेंगे। सबसे राहत की बात यह है कि किस्तों की अवधि के दौरान अगले महीनों में उस बकाया राशि पर कोई नया ब्याज या अधिभार नहीं जोड़ा जाएगा। यह सुविधा उन लोगों के लिए रामबाण है जो एक साथ बड़ी रकम नहीं जुटा सकते थे।
30 जून तक का है मौका: समय सीमा के भीतर उठाएं लाभ
मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च की जा रही यह योजना सीमित समय के लिए है। उपभोक्ता 30 जून 2026 तक इस समाधान योजना के तहत अपना पंजीयन कराकर छूट का लाभ ले सकते हैं। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से बिजली वितरण कंपनी के पास रुका हुआ राजस्व वापस आएगा और बिजली चोरी जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि यह योजना न केवल उपभोक्ताओं की आर्थिक चिंता कम करेगी, बल्कि प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को भी एक नई मजबूती प्रदान करेगी।



