
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का नौवां दिन आज बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहने की उम्मीद है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी, जहां विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी के लिए कड़े सवाल तैयार कर रखे हैं। गृह मंत्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब आज विधायकों की ‘अग्निपरीक्षा’ का सामना करेंगे। प्रदेश में कानून-व्यवस्था, जर्जर सड़कों का जाल और किसानों की समस्याओं को लेकर सदन के भीतर जोरदार गहमागहमी और हंगामे के आसार हैं।
भ्रष्टाचार और भर्ती पर घमासान
प्रश्नकाल के दौरान सबसे तीखे तेवर कोरोना काल की दवा खरीदी और पुलिस आरक्षक भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर देखने को मिल सकते हैं। विपक्षी सदस्य सरकार से यह जवाब मांगेंगे कि कोरोना काल की जांच रिपोर्ट पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। साथ ही, आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में आई शिकायतों पर भी गृह मंत्री को जवाब देना होगा। धमतरी जिले में बढ़ते अपराध और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सत्ता पक्ष को कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है।
जर्जर सड़कों पर ध्यानाकर्षण
आज सदन में दो महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाएंगे, जो सीधे तौर पर जनता से जुड़े हैं। विधायक पुन्नू लाल मोहले प्रदेश की खराब और जर्जर सड़कों की स्थिति को लेकर सरकार का ध्यान खींचेंगे। बस्तर से लेकर सरगुजा तक सड़कों के अधूरे निर्माण और रखरखाव में लापरवाही को लेकर विपक्ष हमलावर रहेगा। जर्जर सड़कों के कारण हो रही दुर्घटनाओं और धूल से परेशान आम जनता की आवाज आज सदन के पटल पर गूंजेगी।
खेती और किसानों की चिंता
सड़क के अलावा कृषि और किसान कल्याण का मुद्दा भी आज सदन में प्रमुखता से उठेगा। विधायक चातुरी नंद और लखेश्वर बघेल किसानों की समस्याओं, खाद-बीज की उपलब्धता और कृषि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगेंगे। किसानों को मिल रहे समर्थन मूल्य और बोनस से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक होने की संभावना है, जिससे सदन का तापमान बढ़ सकता है।
अनुदान मांगों पर बड़ी चर्चा
आज का दिन विभागीय बजट और खर्चों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों की अनुदान मांगों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, मंत्री लखन लाल देवांगन और टंक राम वर्मा के विभागों के बजटीय प्रावधानों पर भी विधायक अपनी राय रखेंगे। इस दौरान विकास कार्यों के लिए आवंटित राशि और उसके उपयोग को लेकर विपक्षी विधायक सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएंगे।
याचिकाओं और रिपोर्ट का अंबार
सदन की तालिका में आज कई महत्वपूर्ण प्रतिवेदन और दस्तावेज भी रखे जाएंगे। मंत्री केदार कश्यप, गुरु खुशवंत साहेब और वित्त मंत्री ओपी चौधरी अपने-अपने विभागों की वार्षिक रिपोर्ट और ऑडिट पेपर सदन के पटल पर रखेंगे। साथ ही, विधायक दिलीप लहरिया, सावित्री मंडावी और ललित चंद्राकर विभिन्न जनहित के मुद्दों पर याचिकाएं पेश करेंगे। इन कार्यवाहियों के बीच विपक्ष की ओर से लगातार हंगामे और वॉकआउट की स्थिति बन सकती है।



