CG Legislative Assembly Session Live: छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का 10वां दिन: सदन में आज फिर मचेगा घमासान, अशासकीय संकल्प और कृषि मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष, देखें सीधा प्रसारण

CG Legislative Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज 10वां दिन है और सदन के भीतर सियासी पारा हाई रहने के आसार हैं। आज की कार्यवाही विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि सदन में 5 अशासकीय संकल्प लाए जाएंगे। इसके साथ ही, स्कूल शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी और कृषि, पशुधन विकास, धर्मस्व व पर्यावरण जैसे विभागों के कामकाज का लेखा-जोखा पेश किया जाएगा। विपक्ष ने आक्रामक रणनीति तैयार की है, जिससे प्रश्नकाल के दौरान मंत्रियों और विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।

कृषि और पशुधन पर मंत्रियों से तीखे सवाल

आज सदन में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी विपक्ष के मुख्य निशाने पर होंगे। रामविचार नेताम को कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों की स्थिति, डेयरी योजनाओं में अनुदान और किसानों को मिलने वाले बीज की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के जवाब देने होंगे। वहीं, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी राज्य की आर्थिक सेहत और पर्यावरण विभाग से जुड़ी फाइलों को लेकर सदन के पटल पर अपनी बात रखेंगे। धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल के विभागों को लेकर भी विधायकों ने कई जनहित के सवाल सूचीबद्ध किए हैं।

बीज और बोनस पर बवाल: किसानों के नुकसान का कौन होगा जिम्मेदार?

खेती-किसानी के मुद्दों पर आज सदन में सबसे ज्यादा शोर होने की संभावना है। विधायक उमेश पटेल ने बीज निगम द्वारा बांटे गए अलसी के बीजों के ‘फेल’ होने का मुद्दा उठाया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक चोट पहुंची है। इसके साथ ही, गन्ने की खरीदी में हो रही देरी और शक्कर कारखानों में अनलोडिंग की अव्यवस्था को लेकर भी विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा करेगा। वहीं, धान बीज उत्पादन करने वाले किसानों के बकाया भुगतान और मुआवजे का मामला भी ओंकार साहू के जरिए सदन में गूंजेगा।

पशुधन और डेयरी विकास: अनुदान और आत्मनिर्भरता पर उठे सवाल

वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर आज पशुधन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर काफी आक्रामक नजर आएंगे। उन्होंने प्रदेश में गौवंशीय पशुओं की सटीक संख्या और दुग्ध उत्पादन में छत्तीसगढ़ की आत्मनिर्भरता पर सवाल दागे हैं। चिराग परियोजना के समय से पहले बंद होने और इसके वित्तीय प्रबंधन में हुई कथित गड़बड़ियों पर भी मंत्री से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा, डेयरी उद्यमिता योजना के तहत मिलने वाले 50 प्रतिशत अनुदान में हुए बदलाव को लेकर भी पशुपालकों की चिंताएं सदन के माध्यम से सरकार तक पहुंचेंगी।

मछली पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: नई नीति पर घेराबंदी

मछली पालन विभाग से जुड़े मुद्दों पर विधायक धर्मजीत सिंह सरकार से जवाब मांगेंगे। उन्होंने नई मछली पालन नीति, 2022 के तहत पट्टों के पुनः आबंटन और समितियों के भविष्य पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि नीतिगत अस्पष्टता के कारण ग्रामीण मछुआरों और समूहों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सदन में आज यह देखने वाली बात होगी कि सरकार इन सवालों का जवाब किस तार्किकता के साथ देती है या फिर विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित होती है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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